लखनऊ, 15 जुलाई 2024: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग (UPERC) को बिजली दरों में 40-45% बढ़ोतरी का एक संशोधित प्रस्ताव भेजा है। इसके तहत, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की दरें प्रति यूनिट ₹12-13 तक पहुँच सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के बिल में भारी इजाफा होगा।
प्रस्तावित बदलाव के मुख्य बिंदु:
- फिक्स्ड चार्ज में वृद्धि:
- शहरी क्षेत्र: ₹110 से बढ़कर ₹190/किलोवाट
- ग्रामीण क्षेत्र: ₹90 से बढ़कर ₹150/किलोवाट
- यूनिट दरों में उछाल:
- ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए:
- 0-100 यूनिट: ₹3.35 से बढ़कर ₹4.50
- 101-300 यूनिट: ₹5 से ₹7
- 300+ यूनिट: ₹5.50 से ₹8
- शहरी उपभोक्ताओं के लिए:
- 0-100 यूनिट: ₹5.50 से ₹6.50
- 101-300 यूनिट: ₹6 से ₹8
- 300+ यूनिट: ₹6.50 से ₹9
- ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए:
- स्लैब व्यवस्था में बदलाव:
- पहले 4 स्लैब थे, अब केवल 3 स्लैब रह गए हैं, जिससे कम खपत वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
विरोध के कारण:
- भाजपा के चुनावी वादे पर उंगलियां: विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने गरीबों को 100 यूनिट तक ₹3/यूनिट बिजली देने का वादा किया था, लेकिन अब इसे ₹4 कर दिया गया है।
- बिजली कंपनियों का सरप्लस: राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि बिजली कंपनियों के पास 33,122 करोड़ रुपये का सरप्लस है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय दरें बढ़ाई जा रही हैं।
- निजीकरण की आशंका: बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों की छंटनी और निजी कंपनियों को दायित्व सौंपे जाने से भी विवाद बढ़ा है।
सरकार का तर्क:
UPPCL का कहना है कि बिजली चोरी, ट्रांसमिशन लॉस और वित्तीय घाटे को कम करने के लिए यह कदम जरूरी है। सरकार ने दावा किया कि यह बढ़ोतरी बिजली वितरण प्रणाली को सुधारने और कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए आवश्यक है।
जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया:
- धरना-प्रदर्शन: प्रस्ताव के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ता संगठनों ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
- कानूनी चुनौती: उपभोक्ता परिषद ने इसे “असंवैधानिक” बताते हुए नियामक आयोग में लोक महत्व याचिका दाखिल करने की घोषणा की है।
आगे की राह:
यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो अगले 2-3 महीनों में बिजली बिलों में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मध्यमवर्ग और गरीब परिवारों की मासिक बजट योजना बुरी तरह प्रभावित होगी।
नोट: UPPCL ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल भुगतान, मीटर रीडिंग और शिकायत दर्ज करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, लेकिन दरों में इजाफे के बाद इनका लाभ कितना रह जाएगा, यह एक बड़ा सवाल है।
