भारतीय टेक दिग्गज विप्रो ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी ऑडियो प्रोडक्ट कंपनी हरमन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस (DTS) यूनिट को 375 मिलियन डॉलर (लगभग 3270 करोड़ रुपये) में खरीदने का ऐलान किया है। यह अधिग्रहण विप्रो की AI-आधारित इंजीनियरिंग सेवाओं को और मजबूत करेगा।
हरमन की DTS यूनिट का अधिग्रहण
21 अगस्त 2025 को विप्रो ने घोषणा की कि वह हरमन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशंस यूनिट, जिसे हरमन कनेक्टेड सर्विसेज के नाम से जाना जाता है, को खरीद रही है। यह डील साल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद DTS यूनिट को विप्रो की इंजीनियरिंग ग्लोबल बिजनेस लाइन में शामिल किया जाएगा।
5,600 कर्मचारी होंगे विप्रो का हिस्सा
इस सौदे के तहत हरमन की DTS यूनिट के 5,600 से ज्यादा कर्मचारी, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया में कार्यरत हैं, विप्रो में शामिल होंगे। ये कर्मचारी विभिन्न सेक्टर्स में AI-आधारित इंजीनियरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं प्रदान करते हैं।
विप्रो की महत्वाकांक्षा को मिलेगी रफ्तार
विप्रो के मैनेजिंग पार्टनर और ग्लोबल हेड ऑफ इंजीनियरिंग श्रीकुमार राव ने कहा, “DTS का अधिग्रहण विप्रो की उस महत्वाकांक्षा को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें हम अपने क्लाइंट्स को AI-संचालित, एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग सेवाएं देना चाहते हैं।” यह अधिग्रहण विप्रो को टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल, एयरोस्पेस, हेल्थकेयर और कंज्यूमर सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगा।
हरमन का कोर बिजनेस पर फोकस
सैमसंग के स्वामित्व वाली हरमन, जो JBL, हरमन कार्डन और इन्फिनिटी जैसे ऑडियो ब्रांड्स के लिए जानी जाती है, ने कहा कि यह सौदा उन्हें अपने कोर ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑडियो बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देगा। हरमन भारत में अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर्स के जरिए पहले से ही मजबूत मौजूदगी रखता है।
DTS के लिए नई संभावनाएं
इस अधिग्रहण से हरमन कनेक्टेड सर्विसेज को विप्रो के ग्लोबल क्लाइंट बेस, संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा, जिससे यह यूनिट तेजी से स्केल कर सकेगी। यह सौदा न केवल विप्रो की डिजिटल इंजीनियरिंग क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि हरमन के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।