भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी को लेकर कोचिंग की अटकलें तेज हैं, लेकिन पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि धोनी शायद ही इस भूमिका में दिलचस्पी दिखाएं। गौतम गंभीर की कोचिंग में मिले-जुले परिणामों के बाद, धोनी को भारतीय टीम का अगला कोच बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। लेकिन चोपड़ा का कहना है कि कोचिंग का काम इतना व्यस्त है कि धोनी इसे चुनने से कतराएंगे।
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “यह एक बड़ा सवाल है। मुझे नहीं लगता कि धोनी को इसमें रुचि है। कोचिंग एक मुश्किल काम है। यह आपको उतना ही व्यस्त रखता है, जितना आप खिलाड़ी के तौर पर रहते हैं, और कभी-कभी तो उससे भी ज्यादा। आपके पास परिवार है, और आप कहते हैं कि आपने अपनी पूरी जिंदगी सूटकेस में बिताई है। अब आप वह काम नहीं करना चाहेंगे।”
धोनी क्यों नहीं बनेंगे कोच
चोपड़ा ने आगे बताया कि अगर धोनी भारतीय क्रिकेट को कुछ देना चाहते हैं, तभी वे कोचिंग पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “इसीलिए कई खिलाड़ी कोचिंग में नहीं आते। अगर वे आते भी हैं, तो यह दो महीने के IPL जैसे छोटे स्टिंट के लिए होता है। लेकिन अगर आप भारतीय टीम के फुल-टाइम हेड कोच बनते हैं, तो यह साल में 10 महीने की प्रतिबद्धता मांगता है।”
IPL 2025 में धोनी का प्रदर्शन
वहीं, IPL 2025 में एमएस धोनी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की कप्तानी संभालने वाले धोनी को उस वक्त कमान संभालनी पड़ी, जब नियमित कप्तान रुतुराज गायकवाड़ टूर्नामेंट के बीच में चोटिल हो गए। पांच बार की चैंपियन CSK इस बार तालिका में सबसे नीचे रही, जो उनके लिए एक भूलने योग्य सीजन रहा।
CSK के सामने चुनौतियां
धोनी ने भी माना कि टीम में कई खामियां थीं, जिसके चलते CSK पहली बार तालिका में आखिरी स्थान पर रही। IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के सामने अपनी टीम को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है, क्योंकि बाकी टीमें पहले ही अपनी कोर लाइनअप तैयार कर चुकी हैं।
क्या कहते हैं फैंस
धोनी के फैंस अब भी उनके मैदान पर धमाल मचाने की उम्मीद करते हैं, लेकिन कोचिंग की भूमिका में उन्हें देखने की संभावना कम ही नजर आती है। आकाश चोपड़ा की बातों से साफ है कि धोनी अपनी जिंदगी को अब शांत और परिवार के साथ बिताना चाहते हैं।
