शुभमन गिल की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी और एशिया कप 2025 के लिए उप-कप्तान बनाए जाने से भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी में हालिया शानदार फॉर्म ने उन्हें सभी प्रारूपों में भारत का भावी कप्तान बनने का प्रबल दावेदार बना दिया है। लेकिन, उनकी इस वापसी से संजू सैमसन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिनकी एशिया कप की प्लेइंग-11 में जगह बनाना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है। आइए इस मामले का विस्तार से विश्लेषण करें।
गिल की वापसी और कप्तानी की राह
शुभमन गिल को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत का कप्तान बनाया गया था, जहां उन्होंने न केवल बल्ले से 750 से ज्यादा रन बनाए, बल्कि अपनी नेतृत्व क्षमता से भी सबको प्रभावित किया। एशिया कप 2025 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम में उनकी वापसी और अक्षर पटेल की जगह उप-कप्तान बनाए जाने से साफ है कि बीसीसीआई और मुख्य कोच गौतम गंभीर उन्हें भविष्य का लंबा रास्ता सौंपने की तैयारी में हैं।
अजित अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति और गंभीर एक ऐसी नीति पर काम कर रहे हैं, जिसमें सभी प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी20) के लिए एक ही कप्तान हो। अगर गिल फिट और फॉर्म में रहे, तो वे 2027 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे में होने वाले विश्व कप और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभाल सकते हैं। गिल की कप्तानी का अनुभव पहले भी जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में देखा जा चुका है, जहां उन्होंने 4-1 से जीत हासिल की थी।
संजू सैमसन की मुश्किलें
गिल की वापसी ने संजू सैमसन के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना मुश्किल कर दिया है। सैमसन ने पिछले एक साल में टी20 अंतरराष्ट्रीय में शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें तीन शतक शामिल हैं। वे भारत के लिए ओपनर के रूप में शानदार रहे हैं, लेकिन गिल की वापसी और अभिषेक शर्मा की मौजूदा फॉर्म ने शीर्ष क्रम में जगह को और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
सैमसन का बल्लेबाजी स्टाइल शीर्ष तीन स्थानों (ओपनर या नंबर 3) के लिए सबसे उपयुक्त है, लेकिन अब ये स्थान गिल, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के लिए लगभग तय माने जा रहे हैं। अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और बाएं हाथ से गेंदबाजी की उपयोगिता, साथ ही तिलक की हरफनमौला क्षमता और शानदार फील्डिंग, उन्हें प्राथमिकता दे रही है। अगर सैमसन को प्लेइंग-11 में शामिल किया जाता है, तो मध्य क्रम में सैमसन, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे दाएं हाथ के बल्लेबाजों का होना बैटिंग लाइन-अप को एकतरफा बना सकता है।
चयन समिति का रुख
मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने गिल की फॉर्म की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी इंग्लैंड में शानदार बल्लेबाजी ने सभी उम्मीदों को पार किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दुबई में विरोधी टीम और परिस्थितियों के आधार पर अंतिम एकादश का फैसला होगा। यह साफ है कि गिल की उप-कप्तानी और फॉर्म उन्हें प्लेइंग-11 में लगभग पक्की जगह दिलाती है, जिससे सैमसन की जगह खतरे में पड़ गई है।
इसके अलावा, ऋषभ पंत के 2026 टी20 विश्व कप तक पूरी तरह फिट होने की उम्मीद है, जिससे सैमसन के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में भी जगह बनाना मुश्किल हो सकता है। जितेश शर्मा को भी दूसरा विकेटकीपर विकल्प माना जा रहा है, जो फिनिशर की भूमिका में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भी सैमसन की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने अपने यूट्यूब शो ‘अश की बात’ में कहा कि गिल को उप-कप्तान बनाए जाने से सैमसन की प्लेइंग-11 में जगह लगभग खत्म हो सकती है। अश्विन ने कहा, “गिल और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करेंगे, और तिलक नंबर 3 पर हैं। सैमसन को अगर नंबर 5 पर खेलने को कहा जाए, तो यह उनकी ताकत के साथ न्याय नहीं करेगा।”
वहीं, पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने गिल की वापसी को भविष्य की कप्तानी की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि गिल को सभी प्रारूपों का कप्तान बनाने की दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है।
संभावित प्लेइंग-11 और सैमसन की जगह
एशिया कप 2025 के लिए भारत की संभावित प्लेइंग-11 में गिल और अभिषेक शर्मा के ओपनिंग करने की संभावना है, जबकि तिलक वर्मा नंबर 3 और सूर्यकुमार यादव नंबर 4 पर बल्लेबाजी करेंगे। हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर मध्य और निचले क्रम में होंगे। सैमसन को शामिल करने के लिए तिलक को बाहर करना पड़ सकता है, लेकिन तिलक की बाएं हाथ की बल्लेबाजी और अतिरिक्त गेंदबाजी क्षमता उन्हें प्राथमिकता देती है।
सैमसन के पास विकेटकीपिंग का अतिरिक्त कौशल है, लेकिन जितेश शर्मा की फिनिशिंग क्षमता और हालिया IPL फॉर्म (176.35 का स्ट्राइक रेट) उन्हें नंबर 7 पर बेहतर विकल्प बनाती है। अगर भारत केवल एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ उतरता है, तो सैमसन को नंबर 5 पर आजमाया जा सकता है, लेकिन यह उनकी प्राकृतिक बल्लेबाजी शैली के खिलाफ होगा।
शुभमन गिल की टी20 में वापसी और उप-कप्तानी ने उन्हें भारत के भविष्य के सभी प्रारूपों के कप्तान के रूप में स्थापित कर दिया है। उनकी शानदार फॉर्म और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए, बीसीसीआई उन्हें लंबे समय तक कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने की योजना बना रही है। हालांकि, इससे संजू सैमसन की प्लेइंग-11 में जगह खतरे में पड़ गई है, क्योंकि शीर्ष क्रम में पहले से ही कई दावेदार हैं। सैमसन की प्रतिभा निर्विवाद है, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और गिल की प्राथमिकता उनके लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।
