दिल्ली से श्रीनगर जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-385 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक केबिन प्रेशर में कमी के कारण विमान तेजी से नीचे आने लगा। कैप्टन ने तुरंत श्रीनगर एयरपोर्ट से प्रायोरिटी लैंडिंग की अनुमति मांगी और विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। इस फ्लाइट में 205 यात्री, जिनमें 4 बच्चे शामिल थे, और 7 क्रू मेंबर सवार थे। अच्छी बात यह रही कि किसी को भी चिकित्सकीय मदद की जरूरत नहीं पड़ी।
क्या हुआ था फ्लाइट में
शुक्रवार को स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-385 दिल्ली से श्रीनगर के लिए उड़ान भर चुकी थी। उड़ान के दौरान अचानक केबिन में हवा का दबाव कम होने की चेतावनी मिली, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। अधिकारियों के अनुसार, क्रू ने तुरंत स्थिति को संभाला और सभी जरूरी जांच पूरी की। कैप्टन ने एहतियातन प्रायोरिटी लैंडिंग का फैसला लिया। दोपहर 3:27 बजे विमान श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया।
सभी यात्री और क्रू सुरक्षित
समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से बताया गया कि फ्लाइट में सवार सभी 205 यात्रियों और 7 क्रू मेंबर्स को कोई नुकसान नहीं हुआ। किसी ने भी मेडिकल मदद की मांग नहीं की। अब विमान का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में ऐसी कोई दिक्कत न आए।
स्पाइसजेट का आधिकारिक बयान
स्पाइसजेट ने इस घटना पर अपना बयान जारी करते हुए कहा, “आज दिल्ली से श्रीनगर जा रही हमारी फ्लाइट SG-385 में अप्रोच के दौरान केबिन एल्टीट्यूड वॉर्निंग मिली। इसके बाद विमान कुछ देर के लिए तेजी से नीचे आया। हमारे क्रू ने सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया और कैप्टन ने प्रायोरिटी लैंडिंग की अनुमति मांगी। विमान श्रीनगर में सुरक्षित उतर गया और सभी यात्री व क्रू सामान्य रूप से बाहर निकले।”
क्या है केबिन एल्टीट्यूड वॉर्निंग
केबिन एल्टीट्यूड वॉर्निंग तब मिलती है, जब विमान के केबिन में हवा का दबाव खतरनाक स्तर तक कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन मास्क तुरंत लगाए जाते हैं। साथ ही, विमान को जल्द से जल्द नीचे उतारना जरूरी हो जाता है ताकि दबाव सामान्य किया जा सके।
क्यों जरूरी है तुरंत लैंडिंग
केबिन प्रेशर की समस्या एक गंभीर तकनीकी खराबी हो सकती है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह यात्रियों और क्रू के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्पाइसजेट के क्रू ने समय रहते सही कदम उठाकर सभी की जान बचाई।