राजगीर, बिहार: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हॉकी एशिया कप 2025 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी। बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने अपनी दमदार रणनीति और शानदार खेल से खिताब पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत ने 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
भारत की धमाकेदार जीत
भारत ने इस फाइनल में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराया। इससे पहले भारत ने 2017 में मलेशिया को हराकर एशिया कप जीता था। इस बार चौथी बार खिताब जीतकर भारत ने अपने गौरवशाली इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा।
मैच का रोमांचक लेखा-जोखा
- पहला क्वार्टर: भारत ने मैच की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की। पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने शानदार गोल दागकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
- दूसरा क्वार्टर: भारत ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी और एक और गोल दागकर स्कोर 2-0 कर लिया। दक्षिण कोरिया ने जवाबी हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने उन्हें गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। हाफ टाइम तक स्कोर 2-0 रहा।
- तीसरा क्वार्टर: तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत ने एक और गोल कर बढ़त को 3-0 तक पहुंचाया। भारत का डिफेंस और मिडफील्ड पूरी तरह से हावी रहा।
- चौथा क्वार्टर: 50वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे अमित रोहिदास ने गोल में बदलकर स्कोर 4-0 किया। दक्षिण कोरिया ने इसी क्वार्टर में एक गोल दागकर स्कोर 4-1 किया, लेकिन भारत ने अपने डिफेंस को मजबूत रखा और कोई और गोल नहीं होने दिया। अंत में भारत ने 4-1 से जीत हासिल की।
फाइनल तक का सफर
भारत ने सुपर-4 के अपने आखिरी मैच में चीन को 7-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम अजेय रही। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया ने मलेशिया को 4-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। दोनों टीमों ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में भारत का दबदबा साफ नजर आया।
भारत का शानदार इतिहास
भारत ने हॉकी एशिया कप में अब तक चार बार (2003, 2007, 2017, और 2025) खिताब जीता है। इसके अलावा, भारत 1982, 1985, 1989, 1994 और 2013 में पांच बार उपविजेता भी रहा है। इस जीत ने भारतीय हॉकी के गौरव को और बढ़ा दिया है।
