लिवरपूल, 14 सितंबर 2025 – भारत ने इंग्लैंड के लिवरपूल में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए दो दिन में दो गोल्ड मेडल झटक लिए। रविवार को मीनाक्षी ने 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में कजाकिस्तान की तीन बार की विश्व विजेता नजिम काईजीबे को 4-1 से धूल चटाई। वहीं, शनिवार को जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम में पोलैंड की जूलिया स्जेरेमेटा को उसी स्कोर से मात दी। भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक चार मेडल हासिल किए, जिनमें एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज भी शामिल है।
लेकिन जहां भारत की बेटियों ने तिरंगा ऊंचा किया, वहीं पुरुष मुक्केबाजों के लिए ये चैंपियनशिप निराशाजनक रही। 10 सदस्यीय पुरुष दल बिना एक भी मेडल के घर लौटेगा। 12 साल बाद ऐसा हुआ है, जब पुरुषों को कोई पदक नहीं मिला।
मीनाक्षी ने रचा इतिहास
मीनाक्षी ने फाइनल में पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नजिम काईजीबे को हराकर भारत का परचम लहराया। उन्होंने अपने लंबे हाथों का शानदार इस्तेमाल किया और बैकफुट पर रहते हुए सटीक पंच जड़े। इस जीत के साथ मीनाक्षी भारत की 10वीं महिला वर्ल्ड चैंपियन बन गईं। भारत ने अब तक विमेंस कैटेगरी में 16 गोल्ड, 9 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
जैस्मिन की जोरदार वापसी
जैस्मिन लंबोरिया ने भी कमाल कर दिखाया। पहले राउंड में 2-3 से पिछड़ने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की। अटैक और डिफेंस का शानदार तालमेल बिठाते हुए जैस्मिन ने जूलिया को पूरी तरह पस्त कर दिया। जीत के बाद जैस्मिन ने कहा, “वर्ल्ड चैंपियन बनने का एहसास शब्दों में बयां नहीं कर सकती। पेरिस ओलिंपिक में हार के बाद मैंने कड़ी मेहनत की, और ये गोल्ड उसी का नतीजा है।”
बाकी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
नूपुर 80 किलोग्राम के फाइनल में हार गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं, पूजा रानी ने उसी वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
पुरुषों का निराशाजनक प्रदर्शन
पुरुष वर्ग में भारत का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। जादुमणि सिंह मंडेनबाम (50 किग्रा) ने क्वार्टर फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन संझार ताश्केनबाय को कड़ी टक्कर दी, लेकिन 0-4 से हार गए। अभिनाश जमवाल (65 किग्रा) भी क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे, लेकिन बाकी खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए। 2013 के बाद ये पहला मौका है, जब भारतीय पुरुष मुक्केबाज खाली हाथ रहे। पिछले सीजन में ताशकंद में भारत ने तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
