Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में बड़ी उपलब्धि: अमेठी में बनने वाली AK-203 ‘शेर’ राइफल
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Defence News > भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में बड़ी उपलब्धि: अमेठी में बनने वाली AK-203 ‘शेर’ राइफल
Defence News

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में बड़ी उपलब्धि: अमेठी में बनने वाली AK-203 ‘शेर’ राइफल

Retimes india
Last updated: July 21, 2025 4:06 pm
Retimes india
Share
SHARE

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) को AK-203 असॉल्ट राइफल के पूर्ण स्वदेशी उत्पादन की जिम्मेदारी सौंपी है। दिसंबर 2025 तक इस राइफल का पूरी तरह से भारत में निर्माण शुरू हो जाएगा, जिसे भारतीय सेना में ‘शेर’ नाम से जाना जाएगा। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस राइफल की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर हर 100 सेकंड में एक राइफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है, यानी प्रतिमाह 12,000 राइफल्स का उत्पादन। यह न केवल भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि युद्ध के समय देश की औद्योगिक क्षमता को भी मजबूती देगा।

AK-203 राइफल की विशेषताएं

AK-203 राइफल अपनी विश्वसनीयता, मजबूती और आधुनिक डिज़ाइन के लिए जानी जाती है। यह राइफल भारतीय सेना की पुरानी इंसास राइफल को प्रतिस्थापित कर रही है और कई मायनों में उससे बेहतर है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  1. कैलिबर: 7.62×39mm, जो इंसास राइफल (5.56×45mm) से अधिक शक्तिशाली है।
  2. फायरिंग रेट: प्रति मिनट 700 राउंड, जो इसे तेज और प्रभावी बनाता है।
  3. रेंज: 800 मीटर तक सटीक निशाना लगाने की क्षमता, जो इंसास की 400 मीटर रेंज से दोगुनी है।
  4. वजन: 3.8 किलोग्राम, जो इंसास से हल्का और अधिक कॉम्पैक्ट है।
  5. मैगज़ीन क्षमता: 30 राउंड की डिटैचेबल बॉक्स मैगज़ीन, साथ ही 50 राउंड की क्वाड-कॉलम मैगज़ीन का विकल्प।
  6. डिज़ाइन: फोल्डेबल और एडजस्टेबल बटस्टॉक, पिकाटिनी रेल्स के साथ, जो विभिन्न ऑप्टिकल साइट्स और टैक्टिकल उपकरणों को जोड़ने की सुविधा देता है।
  7. विश्वसनीयता: उच्च ऊंचाई, जंगल और चरम मौसम में भी प्रभावी प्रदर्शन।

ये विशेषताएं AK-203 को आतंकवाद विरोधी अभियानों, उच्च ऊंचाई वाले युद्ध और विविध भौगोलिक परिस्थितियों में उपयोग के लिए आदर्श बनाती हैं।

स्वदेशीकरण और उत्पादन क्षमता

AK-203 का उत्पादन जनवरी 2023 में शुरू हुआ था, जब इसका केवल 5% हिस्सा स्वदेशी था। धीरे-धीरे स्वदेशीकरण को बढ़ाया गया, और वर्तमान में यह 50% तक पहुंच चुका है। दिसंबर 2025 तक 100% स्वदेशीकरण का लक्ष्य है, जिसके लिए कंचनपुर के स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री (SAF) ने रूस के GOST मानक के बराबर एक विशेष धातु विकसित की है। यह धातु भारतीय राइफल्स को पूरी तरह स्वदेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  1. उत्पादन लक्ष्य: IRRPL ने 6.1 लाख राइफल्स के ₹5,200 करोड़ के अनुबंध को 2030 तक पूरा करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
  2. वर्तमान स्थिति: अब तक 48,000 राइफल्स डिलीवर की जा चुकी हैं, 7,000 राइफल्स अगले 2-3 हफ्तों में और 15,000 दिसंबर 2025 तक डिलीवर होंगी।
  3. भविष्य की योजना: 2026 से प्रतिमाह 12,000 राइफल्स (हर 100 सेकंड में एक राइफल) का उत्पादन शुरू होगा, जिससे सालाना 1.05 लाख राइफल्स बनेंगी।

यह औद्योगिक क्षमता भारत को युद्ध के समय हथियारों की कमी से बचाएगी, जैसा कि यूरोप में 155mm शेल और अन्य हथियारों की कमी के कारण देखा गया है। रूस की औद्योगिक क्षमता ने उसे यूक्रेन पर हावी होने में मदद की है, और भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

वैश्विक राइफल्स के साथ तुलना

AK-203 को दुनिया की कुछ बेहतरीन राइफल्स, जैसे अमेरिका की SIG 716 और बेल्जियम की SCAR-L, के साथ तुलना की जा सकती है। इसकी तुलना निम्नलिखित बिंदुओं पर की जा सकती है:

  1. कैलिबर: AK-203 का 7.62×39mm कैलिबर SCAR-L (5.56×45mm) से अधिक शक्तिशाली है और SIG 716 (7.62×51mm) के बराबर प्रदर्शन करता है।
  2. फायरिंग रेट: 700 राउंड प्रति मिनट, जो SCAR-L (600 राउंड/मिनट) से बेहतर और SIG 716 के बराबर है।
  3. रेंज: 800 मीटर, जो SCAR-L और SIG 716 के बराबर है।
  4. वजन: 3.8 किलोग्राम, जो SIG 716 (4.2 किलोग्राम) और SCAR-L (3.5 किलोग्राम) से हल्का या तुलनीय है।
  5. मैगज़ीन क्षमता: 30-50 राउंड, जो दोनों राइफल्स के समान या बेहतर है।

AK-203 की विश्वसनीयता, हल्का वजन और कॉम्पैक्ट डिज़ाइन इसे इन राइफल्स के मुकाबले एक मजबूत विकल्प बनाता है।

सामरिक और भू-राजनीतिक महत्व

AK-203 का उत्पादन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करता है। यह न केवल भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों को लैस करेगा, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया, खाड़ी देशों और अफ्रीकी देशों को निर्यात के लिए भी तैयार किया जाएगा। IRRPL ने पहले ही अफ्रीका और मध्य पूर्व से निर्यात के लिए पूछताछ प्राप्त की है, जो रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण बढ़ी है।

इसके अलावा, बेंगलुरु की BSS एलायंस ने AK-203 को कम ऊंचाई पर उड़ने वाले AI ड्रोन (TRIYAM-3D प्रोजेक्ट) के साथ एकीकृत किया है। यह इलेक्ट्रॉनिक और मानवरहित हवाई युद्ध में गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जिससे भारतीय सेना की क्षमताएं और बढ़ेंगी।

भविष्य की योजनाएं

IRRPL न केवल AK-203 बल्कि अन्य कलाश्निकोव वेरिएंट्स, जैसे AK-19 कार्बाइन और PPK-20 सबमशीन गन, के उत्पादन की योजना बना रहा है। यह भारत की छोटे हथियारों की विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। साथ ही, 100% स्वदेशीकरण के बाद उत्पादन लागत कम होगी, जिससे भारत को वैश्विक हथियार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने का मौका मिलेगा।

निष्कर्ष

AK-203 राइफल का अमेठी में उत्पादन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह राइफल न केवल भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएगी, बल्कि देश की औद्योगिक और रणनीतिक क्षमताओं को भी मजबूत करेगी। 100% स्वदेशीकरण और 12,000 राइफल्स प्रति माह की उत्पादन क्षमता के साथ, भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक हथियार बाजार में भी अपनी जगह बनाएगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:Amethi Rifle Manufacturing UnitIndia Defence Self-RelianceIndian Army AK-203 RifleIndigenous Assault Rifle SherMake in India Defence Production
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article भारत का पहला स्वदेशी कॉम्बैट आर्चर एनजी ड्रोन के आने से तुर्की के ड्रोन हुई बेकार
Next Article जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और एलियांज के ज्वाइंट वेंचर से इंश्योरेंस सेक्टर में क्रांति
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

अनिल अंबानी पर ईडी की छापेमारी: ₹3000 करोड़ के लोन फ्रॉड का पूरा मामला

उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस ग्रुप की कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24…

8 Min Read

दिल्ली में सनसनीखेज खुलासा: सर्जरी कर बन गए फर्जी किन्नर, दो बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक हैरान करने वाले मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को…

2 Min Read

प्रयागराज में नाइट सफारी का धमाका! ब्लैक बक रिजर्व में काले हिरणों के बीच रात का रोमांच, इको टूरिज्म से पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

प्रयागराज में इको टूरिज्म को जोरदार धक्का देने के लिए तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम…

3 Min Read

BGMI 4.0 अपडेट का धमाका! 11 सितंबर से ‘Spooky Soiree’ थीम और मैजिकल झाड़ू के साथ बदल जाएगा गेमिंग

बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI) के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! BGMI 4.0 अपडेट की रिलीज…

3 Min Read

कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले को उत्तर प्रदेश सरकार देगी ₹1 लाख रुपए

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस…

3 Min Read

स्वदेशी अपनाएं, देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएं: PM मोदी की जनता से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की जोरदार अपील की है,…

4 Min Read

10 हजार से कम में Realme का धांसू 5G फोन लॉन्च: 6000mAh बैटरी और मिलिट्री-ग्रेड बॉडी के साथ!

रियलमी ने भारत में अपना नया बजट 5G स्मार्टफोन रियलमी P3 Lite 5G लॉन्च कर…

4 Min Read

2030 तक सेमीकंडक्टर में भारत बनेगा ग्लोबल लीडर

भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक तीन गुना बढ़ने की राह पर है, और ये…

8 Min Read

ब्रेकअप के बाद फिर प्यार में डूबी 21 साल की ईशा मालवीय! कैमरे पर अभिषेक कुमार संग रोमांटिक, हुआ Kiss

ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार की लव स्टोरी फिर गरमाई! उड़ारियां से लेकर बिग बॉस…

3 Min Read

चीन ने बनाया 3600 डिग्री सेल्सियस तापमान सहन करने वाला सिरेमिक

चीन ने एक ऐसी सिरेमिक सामग्री विकसित की है, जो 3600 डिग्री सेल्सियस तक के…

5 Min Read

You Might Also Like

Tejas Mark 2 engine to be made in India: Big deal with 80% technology transfer from America
Defence News

भारत में बनेगा Tejas Mark 2 का इंजन: अमेरिका से 80% टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ बड़ी डील

भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस के…

3 Min Read
India will buy South Korea's KF-21 fighter jet instead of F-35 and Su-57
Defence News

भारत F-35 और Su-57 छोड़कर दक्षिण कोरिया का KF-21 फाइटर जेट खरीदेगा

भारत और अमेरिका के बीच F-35 फाइटर जेट को लेकर चर्चा गर्म है। खबरें हैं कि भारत ने अभी तक…

7 Min Read

भारतीय वायुसेना की घटती ताकत: चीन-पाकिस्तान की दोहरी चुनौती का सामना कैसे करेगा भारत

भारतीय वायुसेना के फाइटर स्क्वॉड्रन तेजी से घट रहे हैं, जिससे पाकिस्तान वायुसेना हमारे बराबर पहुँच गई है। अक्टूबर 2025…

3 Min Read

भारत का सिक्स्थ जनरेशन फाइटर जेट: फ्लाइंग विंग टेक्नोलॉजी में ऐतिहासिक सफलता

फ्लाइंग विंग टेक्नोलॉजी में भारत की उपलब्धि भारत ने हाल ही में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।…

6 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?