दिल्ली की एक अदालत ने NDTV की सीनियर पत्रकार गार्गी रावत को एक मानहानिकारक ट्वीट को लाइक करने के लिए कमेंटेटर अभिजीत अय्यर-मित्रा को 10,000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। इस ट्वीट में दावा किया गया था कि अय्यर-मित्रा पर रेप का आरोप है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर यह ट्वीट अभी भी रावत के X प्रोफाइल या टाइमलाइन पर है, तो इसे तुरंत हटाया जाए।
पटियाला हाउस कोर्ट के जिला जज सत्यब्रत पांडा ने 8 सितंबर को यह फैसला सुनाया। यह मामला अभिजीत अय्यर-मित्रा द्वारा गार्गी रावत और वकील दुष्यंत अरोड़ा के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है।
कोर्ट ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि प्रतिवादी नंबर 2 (रावत) का मूल मानहानिकारक ट्वीट को लाइक करना उसका दोबारा प्रकाशन था, और इसके चलते रावत मानहानि के लिए जिम्मेदार हैं।”
जज ने आगे कहा, “मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, हालांकि प्रतिवादी नंबर 2 द्वारा ऑनलाइन दोबारा प्रकाशन और प्रसार एक गंभीर झूठा आरोप था, लेकिन उपरोक्त कम करने वाले कारकों को ध्यान में रखते हुए, मैं उचित समझता हूं कि वादी को कम हर्जाना दिया जाए, जो 20 लाख रुपये के दावे के मुकाबले सिर्फ 10,000 रुपये तय किया जाता है।”
कोर्ट ने रावत को निर्देश दिया कि अगर ट्वीट अभी भी उनके X प्रोफाइल या टाइमलाइन पर दिख रहा है, तो उसे स्थायी रूप से हटा दें।
जज के मुताबिक, ट्वीट को लाइक करने से वह रावत के प्रोफाइल पर दिखा, जिससे उसका और प्रसार हुआ। कोर्ट ने कहा, “रावत ने खुद स्वीकार किया कि वह अपने क्षेत्र और मीडिया में जानी-मानी शख्सियत हैं। इस तरह, मूल ट्वीट को लाइक करके उन्होंने इसके दर्शकों को और बढ़ाया। रावत का ट्वीट लाइक करना सिर्फ एक तटस्थ संदर्भ नहीं था, बल्कि यह उनके द्वारा ट्वीट की सराहना थी।”
मामला गार्गी रावत द्वारा दुष्यंत अरोड़ा के एक X पोस्ट को लाइक करने से जुड़ा है, जिसमें अरोड़ा ने वॉशिंगटन पोस्ट की कॉलमनिस्ट राना अय्यूब के एक ट्वीट का समर्थन किया था। राना ने अभिजीत अय्यर-मित्रा के दिसंबर 2019 के लेख ‘In Rana Ayyub, the White West has found its next Arundhati Roy’ को “हिटजॉब” कहा था। इसके जवाब में अरोड़ा ने लिखा, “इस व्यक्ति पर रेप का आरोप है, वह नियमित रूप से हेट स्पीच में शामिल रहता है,” और इस ट्वीट को रावत ने लाइक किया था। बाद में अय्यर-मित्रा और अरोड़ा के बीच मामला सुलझ गया, जब अरोड़ा ने अपने X प्रोफाइल पर माफी प्रकाशित की।
