1 जुलाई 2024 से दिल्ली सरकार ने 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों की अनिवार्य स्क्रैपिंग की नीति लागू की है। इस निर्णय ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जहां विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यह नीति 62 लाख लोगों पर आर्थिक दबाव डालती है। वहीं, सरकार का तर्क है कि दिल्ली के प्रदूषण में 28% योगदान वाहनों का है, जिसमें पुराने वाहनों की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है।
क्या है नियम और क्यों बनाया गया
- मोटर व्हीकल एक्ट के तहत: 10 साल (डीजल) और 15 साल (पेट्रोल) से अधिक पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन स्वतः समाप्त हो जाता है। इन्हें चलाने पर ₹10,000 से ₹20,000 तक का जुर्माना लग सकता है।
- सुरक्षा और प्रदूषण चिंता: पुराने वाहनों से उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं होता और दुर्घटना की स्थिति में इंश्योरेंस दावा मिलने में दिक्कत आती है।
क्या विकल्प हैं वाहन मालिकों के पास
- दूसरे राज्यों में बेचना: कुछ राज्यों में इन वाहनों को 5 साल अतिरिक्त चलाने की अनुमति है, लेकिन इससे वाहन की कीमत कम मिलती है।
- स्क्रैपिंग स्कीम का लाभ: सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) मिलने पर नए वाहन खरीदने पर रोड टैक्स और जीएसटी में छूट मिल सकती है।
- विंटेज वाहनों के लिए विशेष प्रावधान: 50 साल से अधिक पुराने वाहनों को केवल शोकास्पद या प्रदर्शन के लिए ही चलाया जा सकता है, और उन्हें ट्रक से ही ट्रांसपोर्ट करना होगा।
विवाद और समाधान
- फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की दुविधा: कई लोगों का सवाल है कि यदि वाहन का पोल्यूशन टेस्ट और फिटनेस ठीक है, तो उसे क्यों बंद किया जा रहा है?
- सरकार का जवाब: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) से पास वाहनों को 5 साल की अतिरिक्त अनुमति देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दिल्ली में ATS की कमी के कारण यह लागू नहीं हो पाया।
- स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का दुरुपयोग: कुछ शोरूम मालिकों पर CoD का लाभ न देने के आरोप लगे हैं, जिस पर सरकार ने आधार-लिंक्ड पारदर्शी प्रणाली बनाई है।
यह नीति प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक सख्त कदम है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में लचीलेपन की कमी और विकल्पों की सीमित उपलब्धता ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। सरकार को चाहिए कि वह ATS सुविधाएं बढ़ाए और वाहन मालिकों को पर्याप्त समय व वित्तीय सहायता प्रदान करे।
आपकी राय? क्या पुराने वाहनों की अनिवार्य स्क्रैपिंग सही निर्णय है, या सरकार को फिटनेस टेस्ट पास वाहनों को छूट देनी चाहिए? कमेंट में बताएं।