अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन सरकार उनके साथ खड़ी है! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि टैरिफ से प्रभावित बिजनेस के लिए एक खास राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है। कपड़ा, आभूषण और अन्य क्षेत्रों पर पड़ रहे असर को कम करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। आइए जानते हैं, क्या है सरकार का प्लान!
सरकार का बड़ा कदम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार उन निर्यातकों के लिए एक समग्र पैकेज पर काम कर रही है, जो अमेरिका के 50% टैरिफ से प्रभावित हुए हैं। कई विभाग और मंत्रालय मिलकर इस टैरिफ के असर का आकलन कर रहे हैं। सीतारमण ने एक साक्षात्कार में कहा कि उद्योग अपनी समस्याएं संबंधित मंत्रालयों के साथ साझा कर रहे हैं, क्योंकि टैरिफ का दूसरा हिस्सा (25%) 27 अगस्त से लागू हो चुका है।
टैरिफ का असर और आकलन
सीतारमण ने कहा, “हम उद्योगों से इनपुट ले रहे हैं। कुछ ऐसा प्लान किया जा रहा है, जिससे प्रभावित निर्यातकों की मदद हो सके। जब तक हमें पूरा आकलन नहीं मिल जाता, हम प्रभाव का अनुमान कैसे लगा सकते हैं?” सरकार हर क्षेत्र के हितधारकों से बात कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि टैरिफ का कितना असर हुआ है।
50% टैरिफ का झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाया है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से 25% का जुर्माना भी शामिल है। इस टैरिफ से कपड़ा, रत्न और आभूषण, झींगा, चमड़ा, जूते, पशु उत्पाद, रसायन, और विद्युत व यांत्रिक मशीनरी जैसे क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, फार्मा, ऊर्जा उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक सामान इस दायरे से बाहर हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के कुल 437.42 अरब डॉलर के निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 20% थी। यानी, यह टैरिफ भारत के लिए बड़ा झटका है।
निर्यातकों के लिए उम्मीद की किरण
सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि सरकार निर्यातकों को अकेला नहीं छोड़ेगी। यह पैकेज छोटे और मझोले उद्यमों को राहत देगा, नौकरियां बचाएगा और नए बाजार तलाशने में मदद करेगा। साथ ही, सरकार अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर भी काम कर रही है ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो।
