बरेली से सियासी तूफान! इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (IMC) के चीफ मौलाना तौकीर रजा खान ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा और सरकार पर सीधी चोट की। रसूल-ए-आजम की शान में गुस्ताखी और मुसलमानों पर ज्यादतियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक हफ्ते में एक्शन न लिया गया, तो सड़कों पर उतरना पड़ेगा। नेपाल-श्रीलंका से ज्यादा मुसलमान भारत में हैं, अगर वो सड़क पर आ गए तो हालात क्या होंगे? ये सवाल उठाते हुए मौलाना ने कहा कि जिम्मेदारी केंद्र और यूपी सरकार की होगी। आइए, इस बयान की पूरी डिटेल समझते हैं, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
मौलाना तौकीर ने कहा कि ‘आई लव मोहम्मद’ बोलने पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, ये कहां का न्याय है? धर्म परिवर्तन के नाम पर सिर्फ एक तरफा कार्रवाई हो रही है। मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले कन्वर्जन पर कोई एक्शन क्यों नहीं? अब हद हो चुकी है, हम अपने देश से प्यार करते हैं, लेकिन हमें सड़कों पर आने को मजबूर न किया जाए। उन्होंने नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका का जिक्र किया, जहां मुस्लिम आबादी भारत के मुकाबले कम है। यहां के करोड़ों मुसलमान अगर सड़क पर उतर आए, तो देश की रूह कांप जाएगी।
गिरिराज सिंह का नाम लेते हुए मौलाना ने कहा कि मुसलमानों के साथ ज्यादती करने वालों में केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं। रसूल आजम की शान में गुस्ताखी करने वालों पर एक सप्ताह में सख्त कार्रवाई हो, वरना हम मजबूर होकर सड़कों पर आ जाएंगे। हमारी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। मुसलमान किसी धर्म पर गलत टिप्पणी नहीं करता, तो दूसरे को भी हक नहीं। संसद से लेकर सड़क तक मुसलमान सुरक्षित नहीं। हिंदूवादी संगठन और नेता मुस्लिम बहनों-बेटियों पर टिप्पणियां करते रहते हैं। संसद में खुलेआम गालियां दी जाती हैं। ये लोग आखिर चाहते क्या हैं?
आचार्य रामभद्राचार्य के बयान पर तौकीर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम दुनिया का वो मजहब है जो औरतों को सबसे ज्यादा इज्जत देता है। टिप्पणी करने वाले पहले अपने धर्म की किताबों को देखें। हमें किसी और के धर्म में क्या लिखा है, उससे मतलब नहीं। दुनिया का मुसलमान सब सह सकता है, लेकिन रसूल-ए-आजम की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं।
ये बयान सोशल मीडिया पर छा गया है। कई लोग इसे उकसावा बता रहे हैं, तो कुछ इसे मुसलमानों की बेबसी की आवाज। लेकिन साफ है कि बरेली से निकला ये संदेश पूरे देश में बहस छेड़ देगा। क्या सरकार इस चेतावनी पर एक्शन लेगी? आने वाले दिन बताएंगे।