देश को कल अपना नया उपराष्ट्रपति मिलने वाला है। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले सत्ताधारी NDA और विपक्षी गठबंधन INDIA ने अपने सांसदों के साथ बैठक कर रणनीति को अंतिम रूप दे दिया। बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने वोटिंग में हिस्सा न लेने का ऐलान किया है। NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्ष के बी सुदर्शन रेड्डी से है, लेकिन संख्या बल के आधार पर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
संजय मिश्र, जागरण, नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को होने वाली वोटिंग से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के सभी सांसद शामिल हुए।
वहीं, विपक्षी गठबंधन INDIA ने सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार और अखिलेश यादव की मौजूदगी में एक बैठक की, जिसमें मॉक वोटिंग के जरिए वोटिंग प्रक्रिया को समझाया गया। इस बीच, BJD और BRS ने वोटिंग में हिस्सा न लेने का फैसला कर चुनावी तस्वीर को और साफ कर दिया।
NDA का पलड़ा भारी
उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का सीधा मुकाबला विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी से है। संसद के दोनों सदनों में NDA के बहुमत को देखते हुए राधाकृष्णन की जीत लगभग पक्की मानी जा रही है। सोमवार को संसद परिसर में सियासी हलचल अपने चरम पर थी।
NDA की कार्यशाला में सांसदों को वोटिंग प्रक्रिया और मतदान के तौर-तरीकों की जानकारी दी गई। दूसरी तरफ, संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में विपक्षी सांसदों को मॉक वोटिंग के जरिए प्रक्रिया समझाई गई। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए दोनों सदनों के कुल 788 सांसदों में से 781 वोटिंग में हिस्सा लेंगे। राज्यसभा की 6 और लोकसभा की 1 सीट खाली है।
राधाकृष्णन की जीत पक्की
वोटिंग में सांसदों को दोनों उम्मीदवारों के नाम वाला मतपत्र दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने ‘एक’ लिखना होगा। अगर कोई सांसद गलत तरीके से वोट डालेगा, तो उसका वोट रद्द हो सकता है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, NDA के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसद हैं, यानी कुल 422 सांसद।
इसके अलावा, जगन मोहन रेड्डी की YSRCP के 11 सांसदों का समर्थन मिलने से यह आंकड़ा 433 तक पहुंच जाता है। YSRCP ने सुदर्शन रेड्डी के उम्मीदवार होने के बावजूद NDA को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरी तरफ, INDIA गठबंधन के पास लोकसभा में 232 और राज्यसभा में 92 सांसद हैं, यानी कुल 324 सांसद।
BJD और BRS ने बनाई दूरी
विपक्ष को उम्मीद थी कि बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) उनके साथ आएंगे, लेकिन दोनों पार्टियों ने सोमवार को उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा न लेने का ऐलान किया। BJD के पास लोकसभा में कोई सांसद नहीं है, लेकिन राज्यसभा में उनके 7 सदस्य हैं। वहीं, BRS के पास लोकसभा में कोई सांसद नहीं है, लेकिन राज्यसभा में 4 सदस्य हैं।
AAP कर रही रेड्डी का समर्थन
विपक्षी गठबंधन से अलग होने के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) ने बी सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने का फैसला किया है। AAP के पास राज्यसभा में 9 सांसद हैं। हालांकि, दिल्ली की AAP सांसद स्वाति मालीवाल का रुख अलग है, और वह पहले से ही भाजपा की राजनीतिक लाइन पर चल रही हैं। ऐसे में उनका वोट NDA उम्मीदवार राधाकृष्णन के पक्ष में जाने की पूरी संभावना है।
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि AAP के राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शायद वोटिंग में हिस्सा न लें। वहीं, पंजाब से AAP के एक अन्य सांसद, जो उद्योग जगत से हैं, उनके भी राधाकृष्णन के पक्ष में वोट करने की खबरें हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता, इसलिए क्रॉस वोटिंग करने वाले सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्रॉस वोटिंग का खेल कितना असर डालता है।
बसपा का वोट NDA के खाते में
बसपा इकलौती राष्ट्रीय पार्टी है, जिसने अभी तक यह साफ नहीं किया कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव में किसका समर्थन करेगी। बसपा के पास लोकसभा में कोई सांसद नहीं है, लेकिन राज्यसभा में एक सांसद, रामजी गौतम, हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने गोपनीय मतदान का फैसला किया है। हालांकि, बसपा की हाल के वर्षों की सियासत को देखते हुए माना जा रहा है कि उनका अघोषित समर्थन NDA उम्मीदवार को मिल सकता है।
लोकसभा में एक-एक सांसद वाली पार्टियां, जैसे शिरोमणि अकाली दल और जेपीएम, ने भी अभी तक यह साफ नहीं किया कि वे किसके पक्ष में हैं। वोटिंग के बाद ही इनका रुख स्पष्ट होगा। लेकिन आंकड़ों के हिसाब से NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत पर कोई संदेह नहीं है।
