लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर के साक्ष्य मिले हैं। साथ ही, बाबर काल से जुड़े प्रमाण भी सामने आए हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि संभल में अब केवल 15% हिंदू परिवार ही बचे हैं।
हरिहर मंदिर के साक्ष्य और बाबर काल के प्रमाण
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शाही जामा मस्जिद के परिसर में हरिहर मंदिर के अवशेष मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि मंदिर की नींव में बाबर काल के साक्ष्य मौजूद हैं। यह दावा उस समय और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने और हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार देने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि संभल में हिंदू आबादी तेजी से घट रही है। अब केवल 15% हिंदू परिवार ही बचे हैं, जो प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है।
जांच आयोग का गठन और मुलाकात
इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में बने इस आयोग में पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन और रिटायर्ड IAS अधिकारी अमित मोहन प्रसाद शामिल थे। इस तीन सदस्यीय आयोग ने गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। यह जांच पिछले साल संभल में शाही जामा मस्जिद के पास हुई हिंसा की गहन पड़ताल के लिए गठित की गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी और तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी सहित 30 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हिंसा की शुरुआत और विवाद का कारण
संभल में विवाद की शुरुआत 19 नवंबर 2024 को तब हुई, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल की जिला अदालत में एक याचिका दायर की। इस याचिका में दावा किया गया कि शाही जामा मस्जिद का निर्माण एक मंदिर को तोड़कर किया गया था। अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को पहला सर्वेक्षण हुआ, जिसके बाद 24 नवंबर को दूसरा सर्वेक्षण किया गया। इसी दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई।
पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली और 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
अब क्या होगा?
यह रिपोर्ट अब सरकार और कोर्ट के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हरिहर मंदिर के साक्ष्यों और बाबर काल के प्रमाणों के आधार पर कोर्ट में चल रहे मामले में नया मोड़ आ सकता है। साथ ही, संभल में घटती हिंदू आबादी का मुद्दा भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
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