लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारत सरकार का संयुक्त सचिव बताकर लोगों को ठग रहा था। नाम सौरभ त्रिपाठी है, जो राजधानी की महंगी सोसाइटियों में रहता था और लग्जरी गाड़ियों का काफिला रखता था। पुलिस ने उसके पास से इनोवा, मर्सिडीज और डिफेंडर जैसी 6 महंगी गाड़ियां बरामद की हैं। अब इन गाड़ियों पर लगे सचिवालय पास की जांच हो रही है। आइए जानते हैं इस फर्जी अधिकारी की पोल कैसे खुली!
पुलिस ने रोकी फॉर्च्यूनर, शुरू हुई ठगी की कहानी
बुधवार रात वजीरगंज इलाके में चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक नीली बत्ती लगी फॉर्च्यूनर लीजेंडर गाड़ी रोकी। गाड़ी में बैठे शख्स ने खुद को भारत सरकार का संयुक्त सचिव बताकर पुलिस पर रौब झाड़ा। वह पुलिस को धमकाने लगा और कई सीनियर IAS अधिकारियों के नाम लेकर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। पुलिस ने जब तलाशी ली, तो उसके पर्स से 8 बैंक कार्ड मिले, जिनमें अलग-अलग नाम लिखे थे – जैसे प्रेम कुमार मिश्रा, प्रतीक दुबे और सौरभ त्रिपाठी।
गाड़ी और कागजात की जांच में खुली पोल
पुलिस ने गाड़ी के नंबर से ऑनलाइन कागजात चेक किए, तो गाड़ी किसी जयदीप नाम के शख्स के नाम पर रजिस्टर्ड निकली। गाड़ी में रखे लैपटॉप से एक सरकारी ईमेल ID मिली – saurabh.t@gov.in। जांच में पता चला कि सौरभ को 2022 में Ministry of Electronics and IT की CDAC संस्था में जॉइंट डायरेक्टर के पद पर चुना गया था, लेकिन वह फर्जी तरीके से इस ID का इस्तेमाल कर लोगों की सिफारिश करता था।
सोसाइटी में छापा, 6 लग्जरी गाड़ियां बरामद
पुलिस ने पूछताछ के बाद गोमती नगर विस्तार की सोसाइटी में छापा मारा, जहां से 6 महंगी गाड़ियां मिलीं – 3 इनोवा क्रिस्टा, 1 फॉर्च्यूनर लीजेंडर, 1 रेंज रोवर डिफेंडर और 1 मर्सिडीज। इनमें से हर गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सचिवालय, विधानसभा या विधानपरिषद का पास लगा था, साथ ही IAS अधिकारी जैसी लाल-नीली बत्ती के फ्लैशर लाइट्स भी थे। पुलिस ने सभी गाड़ियां जब्त कर ली हैं और उनके कागजात की जांच कर रही है।
फर्जी अधिकारी की ठगी की जांच जारी
सौरभ त्रिपाठी महंगी सोसाइटियों में फ्लैट लेकर रहता था और खुद को IAS बताकर लोगों को ठगता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन गाड़ियों पर लगे सचिवालय पास असली हैं या फर्जी। साथ ही, उसके ठगी के तरीकों और पीड़ितों की तलाश भी जारी है। यह मामला पुलिस की सतर्कता की मिसाल है, जो फर्जी लोगों को पकड़ने में कामयाब रही।
