अमेरिकी सरकार की EV टैक्स छूट समाप्त होने से टेस्ला समेत इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को बड़ा नुकसान
गुरुवार को अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। कंपनी के शेयर 8% से अधिक गिरकर 303 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गए, जिससे मस्क की नेट वर्थ में 12 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) की कमी आई। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को समाप्त करने के फैसले के कारण हुई है।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, 2024 में एलन मस्क की नेटवर्थ में 70.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई, और उनकी मौजूदा संपत्ति 362 अरब डॉलर है। यह गिरावट टेस्ला के शेयरों में अस्थिरता, मार्केट के उतार-चढ़ाव और निवेशकों के भरोसे में कमी के कारण हुई। हालांकि, मस्क अभी भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। टेस्ला के शेयरों में हाल की गिरावट, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी खत्म करने के फैसले और वैश्विक ईवी मांग में कमी ने उनकी संपत्ति को प्रभावित किया है।
लैरी एलिसन की उछाल
दूसरी ओर, ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन की नेटवर्थ में 2024 में 104 अरब डॉलर की वृद्धि हुई, जो उन्हें प्रतिदिन औसतन 43 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई दे रही है। उनकी कुल संपत्ति 296 अरब डॉलर है, जो मस्क से केवल 66 अरब डॉलर कम है। 80 वर्षीय एलिसन, जो टेस्ला के बोर्ड में भी रह चुके हैं, अपनी कंपनी में 40% हिस्सेदारी रखते हैं और एक हवाई द्वीप के मालिक हैं। उनकी यह वृद्धि ओरेकल के मजबूत प्रदर्शन और तकनीकी क्षेत्र में निवेशकों के भरोसे के कारण है।
दुनिया के टॉप अरबपति (2024)
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के आधार पर, 2024 के अंत तक टॉप चार अरबपतियों की स्थिति:
- एलन मस्क: 362 अरब डॉलर
- लैरी एलिसन: 296 अरब डॉलर
- जेफ बेजोस: 252 अरब डॉलर
- मार्क जुकरबर्ग: 259 अरब डॉलर
भारत से दो नाम इस सूची में शामिल हैं:
- मुकेश अंबानी: 101 अरब डॉलर (18वां स्थान)
- गौतम अडानी: 80.8 अरब डॉलर (20वां स्थान)
टेस्ला की भारत में एंट्री: मस्क का ट्रंप कार्ड
एलन मस्क के लिए भारत एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। टेस्ला ने 2025 में भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज की, पहला शोरूम मुंबई में खोला गया और दूसरा दिल्ली में जल्द खुलने वाला है। टेस्ला की भारत में मैन्युफैक्चरिंग योजनाएं भी चर्चा में हैं, और सरकार के साथ बातचीत चल रही है। नई नीति के तहत, यदि कोई कंपनी 500 मिलियन डॉलर का निवेश करती है, तो उसे केवल 15% आयात शुल्क देना होगा, जिससे टेस्ला की कारें भारत में किफायती हो सकती हैं (लगभग 35 लाख रुपये)।
भारत के लिए लाभ
- ईवी सेक्टर को बढ़ावा: टेस्ला की मैन्युफैक्चरिंग से भारत का इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र मजबूत होगा।
- आर्थिक विकास: लाखों नौकरियां पैदा होंगी, और विदेशी निवेशकों का भारत में भरोसा बढ़ेगा।
- मेक इन इंडिया: टेस्ला की फैक्ट्री भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर सकती है।
- ग्रीन एनर्जी: टेस्ला की उपस्थिति भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को समर्थन देगी।
मस्क के लिए संभावनाएं
टेस्ला की भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू होने से मस्क की नेटवर्थ को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार, टेस्ला के लिए नए राजस्व का स्रोत बन सकता है, खासकर जब अमेरिका और चीन में ईवी मांग धीमी है। टेस्ला की रणनीति अब स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक पर केंद्रित है, और भारत में अनुकूल नीतियां इस दिशा में मदद कर सकती हैं।
क्या मस्क नंबर वन की कुर्सी गंवाएंगे
लैरी एलिसन की तेजी से बढ़ती संपत्ति और टेस्ला के सामने चुनौतियां (जैसे, शेयरों में गिरावट और वैश्विक प्रतिस्पर्धा) मस्क की बादशाहत को खतरे में डाल सकती हैं। हालांकि, मस्क की कंपनियां (टेस्ला, स्पेसएक्स, xAI) और भारत में उनकी योजनाएं उन्हें लंबे समय तक शीर्ष पर बनाए रख सकती हैं। विशेष रूप से, टेस्ला की भारत में सफलता मस्क के लिए एक मेगा टर्नअराउंड हो सकती है, क्योंकि यह न केवल उनकी संपत्ति बढ़ाएगी, बल्कि टेस्ला के वैश्विक विस्तार को भी मजबूती देगी।
एलन मस्क की नेटवर्थ में 2024 की गिरावट के बावजूद, वह अभी भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लैरी एलिसन तेजी से उनसे अंतर कम कर रहे हैं, लेकिन मस्क का भारत में टेस्ला का विस्तार उनकी स्थिति को मजबूत कर सकता है। भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट न केवल मस्क की संपत्ति को बढ़ा सकता है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, ईवी सेक्टर और मेक इन इंडिया पहल को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
