12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, टेकऑफ के 32 सेकंड बाद ही बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से 241 की मौत हो गई, साथ ही जमीन पर 19 अन्य लोग भी मारे गए। यह भारत में चार दशकों में सबसे घातक और वैश्विक स्तर पर एक दशक में सबसे बड़ी विमान दुर्घटना थी। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को 15 पेज की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की, जिसमें हादसे के कारणों पर शुरुआती जानकारी दी गई है। यह लेख उस रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों, जांच के विवरण, और इससे जुड़े सवालों पर चर्चा करता है।
हादसे की प्रमुख जानकारियां
- हादसे का समय: विमान के उड़ान भरने के मात्र 32 सेकंड बाद
- मुख्य कारण: दोनों इंजनों का अचानक बंद होना
- फ्लाइट डेटा: 180 नॉट्स की अधिकतम गति के बाद अचानक इंजन फेलियर
जांच रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- इंजन फ्यूल कट-ऑफ:
- उड़ान भरने के तुरंत बाद दोनों इंजनों का फ्यूल आपूर्ति स्विच अचानक ‘कट-ऑफ’ मोड में चला गया
- यह स्विच केवल पायलट द्वारा ही संचालित किया जा सकता है
- कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर:
- पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति
- एक पायलट ने दूसरे से पूछा “तुमने कट-ऑफ क्यों किया?”, जबकि दूसरे ने इनकार किया
- आपातकालीन प्रयास:
- ऑटोमेटिक रीलाइट प्रक्रिया शुरू की गई
- केवल एक इंजन (इंजन-1) ने अस्थायी रूप से प्रतिक्रिया दी
- रैम एयर टरबाइन (आपातकालीन बिजली आपूर्ति) भी विफल रहा
तकनीकी समस्याओं का इतिहास
- 2018 में ही विमान के फ्यूल कंट्रोल सिस्टम में समस्या की रिपोर्ट की गई थी
- 2019-2023 के बीच सिस्टम में सुधार किया गया था
- लॉकिंग फीचर की कार्यप्रणाली पर सवाल
अगले चरण
- बोइंग कंपनी ने आगे की जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है
- विस्तृत जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा
- विमान के डिजाइन और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल
यह हादसा विमानन इतिहास के सबसे रहस्यमय और दुर्लभ घटनाओं में से एक है, जहां एक साथ दोनों इंजनों का अचानक बंद होना और पायलटों का नियंत्रण खो देना जैसी अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हुई। पूर्ण जांच रिपोर्ट के आने तक इस घटना के सभी पहलुओं पर विस्तृत विश्लेषण की आवश्यकता है।
