रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसा हुआ, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई। इनमें महज 23 महीने की मासूम बच्ची काशी भी शामिल थी, जिसकी मौत ने सभी को झकझोर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुँचीं, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका।
क्या हुआ था?
- समय और स्थान: रविवार सुबह लगभग 5:30 बजे, गौरीकुंड के पास केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
- कारण: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खराब मौसम को हादसे का कारण माना जा रहा है।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: दुर्गम इलाके में होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में समय लगा।
हादसे में कौन-कौन शामिल था?
हेलीकॉप्टर में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें शामिल थे:
- कैप्टन राजीव सिंह चौहान (पायलट, जयपुर, राजस्थान)
- विक्रम सिंह रावत (46 वर्ष, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड)
- विनोद देवी (बिजनौर, उत्तर प्रदेश)
- तुष्टि सिंह (19 वर्ष, बिजनौर, उत्तर प्रदेश)
- राजकुमार जयसवाल (41 वर्ष, महाराष्ट्र)
- श्रद्धा जयसवाल (35 वर्ष, महाराष्ट्र)
- काशी जयसवाल (महज 23 महीने की बच्ची, राजकुमार और श्रद्धा की पुत्री)
काशी की मासूमियत ने सबका दिल दहला दिया
- बचाव दल ने बताया कि काशी का शव हेलीकॉप्टर के मलबे से कुछ दूर मिला। उसके शरीर पर जलने के निशान नहीं थे, संभवतः हादसे के समय वह बाहर गिर गई होगी।
- उसने डायपर पहना हुआ था और निर्जीव पड़ी थी। यह दृश्य देखकर रेस्क्यू टीम के सदस्यों की आँखें नम हो गईं।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत हेलीकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।
- नए नियम: हेलीकॉप्टरों की तकनीकी जाँच और मौसम की सटीक जानकारी अनिवार्य की जाएगी।
- शवों की पहचान: शवों के अत्यधिक जल जाने के कारण पहचान मुश्किल हो रही है। DNA टेस्ट के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएँगे।
केदारनाथ यात्रा पर असर
- दो दिनों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा निलंबित की गई है।
- सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई है।
यह हादसा उत्तराखंड के लिए एक बड़ा झटका है। 23 महीने की काशी की मौत ने सभी को दुःखी कर दिया है। सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का वादा किया है।
