अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की चुनौती का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने पूरे देश में ‘स्वदेशी जागरण अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगी संगठन भी कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लेंगे। इसका मकसद स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ावा देना और आयातित सामान पर निर्भरता कम करना है।
सितंबर में शुरू होगा कैंपेन
भाजपा के वरिष्ठ नेता इस अभियान की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि सितंबर से इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। इस कैंपेन का खास मकसद घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देना है, ताकि ट्रंप के टैरिफ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। 19 और 20 अगस्त को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में झंडेवालान स्थित कार्यालय में हुई अहम बैठक में इस अभियान को हरी झंडी दी गई। इस बैठक में आरएसएस के सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भाजपा के दो वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
‘वोकल फॉर लोकल’ का नया जोश
बैठक के अगले ही दिन, 21 अगस्त को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महामंत्रियों की बैठक बुलाकर ‘वोकल फॉर लोकल’ कैंपेन को गति देने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान के तहत पूरे देश में स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, गोष्ठियां, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे। इनके जरिए लोगों को स्वदेशी उत्पादों की खूबियां बताई जाएंगी और आयातित सामान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
ट्रंप के टैरिफ की चुनौती
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने की वजह से 25% अतिरिक्त पेनाल्टी भी लगाई जाएगी, जो 27 अगस्त से लागू होगी। पहले से मौजूद टैरिफ को जोड़कर यह कुल मिलाकर 60-65% तक पहुंच सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी हो गया है।
पीएम मोदी का आत्मनिर्भर भारत का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दोहराया था और लोगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने की अपील की थी। भाजपा और आरएसएस का यह स्वदेशी जागरण अभियान उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह अभियान न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, बल्कि देशवासियों में स्वदेशी के प्रति गर्व और जागरूकता भी जगाएगा।