गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गांधीनगर और हरसांव में अपना बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत गांधीनगर में एक आवासीय इलाके में अवैध रूप से चल रहे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि हरसांव में बिना अनुमोदित मानचित्र के किए गए निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
गांधीनगर: आवासीय परिसर में अवैध व्यापार पर कार्रवाई
जीडीए की जोन-4 की विशेष प्रवर्तन टीम ने गांधीनगर के एक आवासीय परिसर में छापेमारी कर कार्रवाई की। इस दौरान एक आवासीय भूखंड पर अवैध रूप से चल रहे एक सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के कार्यालय और एक खिलौना की दुकान को सील कर दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार, इस संबंध में क्षेत्र के निवासियों की ओर से लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। भवन मालिक को पहले ही नोटिस जारी कर व्यावसायिक गतिविधियाँ बंद करने का आदेश दिया गया था, लेकिन नियमों की अवहेलना जारी रही। लगातार अनदेखी को देखते हुए टीम ने सख्त कदम उठाते हुए दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
हरसांव: बिना मंजूरी के निर्माण रहा धराशायी
इसी तरह की कार्रवाई हरसांव इलाके में भी देखने को मिली, जहाँ जीडीए टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ढहा दिया। यहाँ एक भूखंड पर भूतल का निर्माण बिना अनुमोदित मानचित्र (नक्शा पास) के किया जा रहा था। इसके लिए भी मालिक को पहले नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्माण कार्य बिना रुके जारी रहा। नियमों की अवमानना को देखते हुए प्रवर्तन टीम ने साइट पर पहुँचकर अवैध ढाँचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई का कारण
जीडीए अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही मामलों में नगर नियोजन संबंधी नियमों की स्पष्ट रूप से अवहेलना की गई थी। स्थानीय निवासियों की लगातार शिकायतों और प्राधिकरण द्वारा दिए गए कई नोटिसों के बावजूद अवैध गतिविधियाँ जारी रहने के कारण यह सख्त कार्रवाई अंतिम विकल्प के रूप में उठानी पड़ी।
गाजियाबाद में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने और नगर नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में जीडीए की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस सख्ती का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे अवैध कार्यों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
