तेहरान। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच 10,000 से अधिक भारतीय नागरिक, जिनमें 2,500 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं, फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों से तुरंत तेहरान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
🔴 भारतीय छात्रों की मुश्किलें:
- हवाई मार्ग बंद: इजराइल द्वारा ईरानी एयरस्पेस को टारगेट करने के कारण एयर एवैक्यूएशन असंभव।
- आर्मेनिया का विकल्प: छात्रों को 1,100 किमी दूर आर्मेनिया की सीमा तक सड़क मार्ग से पहुँचाया जा रहा है, वहाँ से भारत वापसी की योजना।
- बुनियादी सुविधाएँ खत्म:
- इंटरनेट और संचार व्यवस्था ठप।
- पानी और बिजली की कमी।
- कुछ छात्रों को चोटें आई हैं, यूनिवर्सिटी की इमारतें क्षतिग्रस्त।
🛑 भारत सरकार की तत्काल कार्रवाई:
- स्पेशल बसें तैनात:
- तेहरान, इस्फ़हान और शिराज जैसे शहरों से छात्रों को आर्मेनिया/अज़रबैजान ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था।
- मेडिकल यूनिवर्सिटियों (तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी) के छात्रों को प्राथमिकता।
- वीजा और शेल्टर:
- आर्मेनिया/तुर्की के लिए ई-वीजा की व्यवस्था पर काम।
- सीमा पर अस्थायी शिविर बनाए गए हैं।
- 24×7 हेल्पलाइन:
- भारतीय दूतावास ने +98-21-88755770 (तेहरान) और +91-11-49016783 (दिल्ली) नंबर जारी किए।
❓ भारतीय छात्र ईरान क्यों जाते हैं?
- मेडिकल शिक्षा का सस्ता विकल्प:
- भारत में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस 30-50 लाख रुपये, जबकि ईरान में 7-10 लाख में पूरी पढ़ाई।
- NEET पास छात्रों को ही दाखिला मिलता है।
- मुस्लिम छात्रों की पसंद:
- 75% भारतीय छात्र मुस्लिम समुदाय से हैं, जो ईरान की संस्कृति और भाषा में सहज महसूस करते हैं।
- सीटों की कमी:
- भारत में हर साल 12 लाख+ छात्र NEET पास करते हैं, लेकिन सिर्फ 1 लाख सीटें उपलब्ध।
📢 छात्रों की अपील:
“हमारे हॉस्टल के पास ही बम गिरे हैं, खिड़कियाँ टूट चुकी हैं। पानी-बिजली नहीं है। कृपया हमें जल्द से जल्द निकालें!”
– तेहरान यूनिवर्सिटी की भारतीय छात्राएँ
🚨 अगले कदम:
- PET (शारीरिक परीक्षण) के बाद छात्रों को आर्मेनिया से विशेष उड़ानों द्वारा भारत लाया जाएगा।
- MEA और ईरान सरकार के बीच सीमा पार करने की अनुमति पर चर्चा जारी।
🇮🇳 भारत सरकार का आश्वासन:
“कोई भी भारतीय अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी को सुरक्षित घर लाएँगे।”
