भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने गोरखपुर के मशहूर गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए, और इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ रहे। इस दौरान गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और एक नए संग्रहालय के शिलान्यास का भव्य आयोजन हुआ। CM योगी ने इसे गोरखा सैनिकों की वीरता को सम्मान देने वाला कदम बताया। आइए जानते हैं इस खास दौरे की पूरी कहानी!
CM योगी ने किया भव्य स्वागत
गुरुवार को जनरल अनिल चौहान गोरखपुर पहुंचे और सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर में महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन और पूजा-अर्चना की। CM योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ भी मौजूद थे और उन्होंने जनरल चौहान को मंदिर के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया। इस मुलाकात ने गोरखनाथ मंदिर की महिमा को और उजागर किया।
स्मृति चिन्ह में मिली गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा
दर्शन के बाद CM योगी और योगी कमलनाथ ने जनरल अनिल चौहान को अंगवस्त्र और महायोगी गुरु गोरखनाथ की एक प्रतिमा भेंट की। CM ने जनरल चौहान के देश सेवा में योगदान की जमकर तारीफ की। यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसने सैन्य और आध्यात्मिक मूल्यों के बीच एक खूबसूरत तालमेल को दर्शाया।
गोरखा युद्ध संग्रहालय का शिलान्यास
CM योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दौरे की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि जनरल अनिल चौहान की मौजूदगी में गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और एक नए संग्रहालय के शिलान्यास का आयोजन हुआ। उन्होंने लिखा, “गोरखा सैनिकों ने जब भी मौका मिला, अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों को धूल चटाई। उनकी वीरता को नमन करते हुए यह कदम उठाया गया है।” यह संग्रहालय गोरखा सैनिकों की बहादुरी को सहेजने का एक शानदार प्रयास होगा।
दौरे का खास महत्व
जनरल अनिल चौहान का यह दौरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व का भी है। एक सैन्य प्रमुख का गोरखनाथ मंदिर जैसे आध्यात्मिक स्थल पर आना देश की परंपराओं और आस्था के प्रति सम्मान को दर्शाता है। यह दौरा गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित करता है, साथ ही गोरखा सैनिकों की वीरता को श्रद्धांजलि देता है।
