Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: भारत में फर्जी मेडिकल कॉलेजों का खेल: पैसे से खरीदे जा रहे डॉक्टरों के डिग्री
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Uncategorized > भारत में फर्जी मेडिकल कॉलेजों का खेल: पैसे से खरीदे जा रहे डॉक्टरों के डिग्री
Uncategorized

भारत में फर्जी मेडिकल कॉलेजों का खेल: पैसे से खरीदे जा रहे डॉक्टरों के डिग्री

Retimes india
Last updated: July 10, 2025 6:49 pm
Retimes india
Share
The game of fake medical colleges in India: Doctors' degrees are being bought with money
SHARE

भारत के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़े डॉक्टरों की योग्यता को पूरी दुनिया मानती है और अमेरिका जैसे देशों में हमारे डॉक्टरों की संख्या उल्लेखनीय है, लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों में चल रही गड़बड़ियां चिंता का विषय हैं। सीबीआई ने हाल ही में 40 ऐसे मेडिकल कॉलेजों का भंडाफोड़ किया है, जहां नकली मरीज, नकली नर्स, नकली प्रोफेसर और नकली लैब बनाकर निरीक्षण के दौरान धोखाधड़ी की गई। इन कॉलेजों में नकली मेडिकल रिपोर्ट और पहले से तय किए गए निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मान्यता दी जा रही थी। निरीक्षकों को नकद और हवाला के जरिए लाखों रुपये की रिश्वत दी गई, ताकि वे इन नकली सेटअप को पास कर दें।

ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का है। इस संस्थान को रावतपुरा सरकार नामक एक प्रभावशाली बाबा द्वारा संचालित किया जाता है, जिनका मध्य प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में काफी राजनीतिक प्रभाव है। कई बड़े नेता उनके प्रभाव में हैं, और इस संस्थान ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से मान्यता पाने के लिए 55 लाख रुपये की रिश्वत दी। सीबीआई की जांच में पता चला कि इस कॉलेज में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही उचित बुनियादी ढांचा। सब कुछ एक फिल्मी सेट की तरह सजाया गया था, जो निरीक्षण के बाद हटा लिया जाता था।

भारत में नकली मेडिकल कॉलेजों का घोटाला: चिकित्सा शिक्षा पर सवाल

यह घोटाला केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे आठ राज्यों में ऐसे 40 कॉलेजों की पहचान की गई है। इनमें से कई कॉलेजों में नकली मरीजों के बेड, नकली लैब और किराए पर लाई गई मशीनें थीं, जो केवल निरीक्षण के लिए रखी जाती थीं। सीबीआई का अनुमान है कि प्रति कॉलेज 30 से 35 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी गई। यह राशि नकद और हवाला के जरिए दी गई, जिसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

इस घोटाले में कई बड़े नाम सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज और एलएनसीटी मेडिकल कॉलेज, भोपाल; छत्तीसगढ़ के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज, रायपुर; तेलंगाना के फादर कोलंबो इंस्टीट्यूट; और आंध्र प्रदेश के गायत्री विद्या परिषद इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थकेयर जैसे संस्थानों के नाम जांच में शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली में एनएमसी की फाइलें पास कराने वाले दलालों का एक नेटवर्क भी पकड़ा गया है। इसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों, नीति आयोग के अधिकारियों, गृह राज्य मंत्रियों और कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, रावतपुरा सरकार कॉलेज के प्रतिनिधि अतुल कुमार तिवारी और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के निदेशक सुरेश सिंह भदौरिया जैसे लोग इस घोटाले में शामिल पाए गए हैं।

यह कोई नई कहानी नहीं है। वर्षों से यह सिलसिला चल रहा है। एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया था कि दिल्ली-एनसीआर के एक मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के लिए नकली सेटअप तैयार किया जाता था। यह घोटाला 2013-2015 के बीच हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा (पीएमटी) घोटाले से भी जुड़ा है, जिसमें नकली उम्मीदवारों को बैठाया गया और सीटों की खरीद-फरोख्त हुई। उज्जैन के आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज (2014), फर्रुखाबाद और महाराष्ट्र के मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया निरीक्षण घोटाले (2017), बिहार के नकली मेडिकल कॉलेज (2020) और तमिलनाडु के नीट सीट घोटाले (2021) जैसे मामले भी सामने आ चुके हैं। दिल्ली-एनसीआर में नकली मेडिकल डिग्रियां बेचने वाले गिरोह भी पकड़े गए हैं।

इस घोटाले का सबसे दुखद पहलू यह है कि इससे निकलने वाले डॉक्टरों की योग्यता संदिग्ध है। ऐसे कॉलेजों में न तो व्यावहारिक प्रशिक्षण होता है और न ही उचित शिक्षक। एक अच्छा डॉक्टर बनने के लिए एम्स जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप और आपातकालीन कक्षों में लंबे समय तक ड्यूटी जरूरी होती है। लेकिन जब सब कुछ नकली हो, तो ये डॉक्टर क्या सीखेंगे? यह स्थिति न केवल मरीजों के लिए खतरनाक है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाती है।

इसके पीछे एक बड़ा कारण सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया को जटिल करना है। केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) जैसी प्रणालियों ने सरकारी संस्थानों में दाखिले को मुश्किल बना दिया है। निजी कॉलेज इस मौके का फायदा उठाकर अपनी सीटें भरते हैं, जिसके लिए वे मोटी फीस वसूलते हैं। इससे प्रतिभाशाली छात्र सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेने के बजाय निजी संस्थानों में जाना मजबूर हो जाते हैं, जहां कई बार शिक्षा की गुणवत्ता संदिग्ध होती है।

यह घोटाला सिर्फ शिक्षा प्रणाली की विफलता नहीं, बल्कि नेताओं और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत का परिणाम है। जब तक हम अपने नेताओं को आलोचनात्मक नजरिए से नहीं देखेंगे और उनकी जवाबदेही तय नहीं करेंगे, तब तक ऐसी व्यवस्था चलती रहेगी। भारत में चिकित्सा के क्षेत्र में कभी सुष्रुत जैसे महान वैज्ञानिक हुए, जिन्होंने ढाई हजार साल पहले राइनोप्लास्टी जैसी जटिल सर्जरी की। लेकिन आज हमारी शिक्षा प्रणाली और चिकित्सा क्षेत्र कुछ स्वार्थी लोगों के हाथों में बिक चुका है। यह घोटाला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारी स्वास्थ्य प्रणाली वाकई सुरक्षित है?

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
TAGGED:briberyCBI investigationfake doctorFake medical collegeFake medical college 2025medical college inspectionmedical education in Indiamedical education scamNMCprivate medical collegeRawatpura government
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Fraud with RTI activist in Kurukshetra: Complete information was not given even after taking 80 thousand rupees कुरुक्षेत्र में आरटीआई कार्यकर्ता के साथ धोखाधड़ी: 80 हजार रुपये लेकर भी नहीं दी गई पूरी जानकारी
Next Article पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में विरोध प्रदर्शन: भारत की रणनीतिक सफलता से POK आज़ाद होगा
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

यूपी सरकार की बड़ी पहल: ‘इंस्पायर-मानक योजना’ के तहत छात्रों को 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि

लखनऊ, 31 जुलाई 2025 – उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के मेधावी और नवाचारी सोच वाले…

1 Min Read

2027 में बड़ा धमाल! महिंद्रा की ये नई SUVs बदल देंगी इलेक्ट्रिक कारों का खेल

महिंद्रा ने हाल ही में अपनी आने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एक नया ब्रांड…

2 Min Read

असम में NRC जैसा सख्त कानून लागू होने से बांग्लादेशी घुसपैठियों में भगदड़, पश्चिम बंगाल क्यों नहीं कर रहा ऐसी ही कार्रवाई

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के एनआरसी (NRC) और डिटेंशन सेंटर संबंधी बयान के…

3 Min Read

रूस को 10 लाख भारतीय की आवश्कता से पश्चिमी देशों की चिंता क्यों बढ़ गई

भारत और रूस के बीच एक बड़ा समझौता होने वाला है, जिसके तहत इसी साल…

3 Min Read

सैमसंग का धांसू टैबलेट भारत में लॉन्च, कीमत सिर्फ 12,999 रुपये से शुरू; 8.7-इंच डिस्प्ले के साथ 90Hz रिफ्रेश रेट

सैमसंग ने बिना किसी शोर-शराबे के भारत में अपना नया Galaxy Tab A11 लॉन्च कर…

4 Min Read

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने ऐतिहासिक जीत के साथ ख़त्म किया 17 साल का इंतज़ार

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने ऐतिहासिक जीत के साथ ख़त्म किया 17 साल का इंतज़ार स्पोर्ट्स…

3 Min Read

अमेरिकी डॉलर का संकट: 2025 में 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, सोना बना सुरक्षित विकल्प

2025 की पहली छमाही में अमेरिकी डॉलर ने ऐसी गिरावट देखी है, जो पिछले पांच…

3 Min Read

तेजस्वी यादव पर BJP का सनसनीखेज आरोप: दो वोटर आईडी रखकर किया अपराध, EC से जांच की मांग!

भाजपा ने रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री…

4 Min Read

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार को ‘एकतरफा आपदा’ करार दिया ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों पर…

2 Min Read

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! ICC प्लेयर ऑफ द मंथ जुलाई 2025 का खिताब जीता, बेन स्टोक्स और वियान मुल्डर को पछाड़ा

भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने जुलाई 2025 के लिए ICC मेन्स प्लेयर…

5 Min Read

You Might Also Like

Trump's frightening warning
Uncategorized

ट्रंप की डरावनी चेतावनी: कोर्ट ने टैरिफ रद्द किये तो 1929 जैसी महामंदी आएगी!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीति को लेकर एक बार फिर से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी…

6 Min Read

सोडियम आयन बैटरी: भारत की क्रांतिकारी खोज जो बदल देगी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया

परिचय: एक नए युग की शुरुआत आज तक आपने केवल लिथियम-आयन बैटरी (Li-ion) के बारे में सुना होगा जो मोबाइल…

4 Min Read
Gyan Sadhna Scholarship 2025: Complete Details – Eligibility, Documents & Application Process
Uncategorized

ज्ञान साधना छात्रवृत्ति 2025: पूरी जानकारी – पात्रता, डॉक्युमेंट और आवेदन प्रक्रिया

ज्ञान साधना छात्रवृत्ति एक सरकारी योजना है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शिक्षा जारी रखने के लिए…

5 Min Read

ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फायरवॉल’ क्या बला है? H-1B वीजा पर भारी कसा, भारतीय IT वालों की बढ़ी मुश्किल

20 सितंबर 2025 अमेरिका में ट्रंप का 'अमेरिका फर्स्ट' वाला राग फिर बजने लगा है। यूएस लेबर डिपार्टमेंट ने 'प्रोजेक्ट…

Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?