उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दिसंबर 2025 तक उसके यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के आवेदन पर फैसला ले लेगा। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजीव नौटियाल ने कहा कि लाइसेंस मिलने से बैंक को कम नियामक बाधाओं और व्यापक कारोबारी अवसरों का लाभ मिलेगा।
मुंबई। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने फरवरी 2025 में यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और अब वह RBI के फैसले का इंतजार कर रहा है। संजीव नौटियाल ने कहा, “हमारा अनुमान है कि दिसंबर तक RBI कोई फैसला ले सकता है, हालांकि यह समयसीमा आगे भी बढ़ सकती है।”
RBI के मानदंड और लाभ
2024 में RBI ने यूनिवर्सल बैंक में बदलाव के लिए मानदंड तय किए: न्यूनतम नेटवर्थ ₹1,000 करोड़, पिछले दो सालों में लाभ, और कम से कम पांच साल का परिचालन। उज्जीवन इन मानदंडों को पूरा करता है। लाइसेंस मिलने पर पूंजी पर्याप्तता अनुपात 15% से घटकर 11.5% और प्राथमिक क्षेत्र ऋण लक्ष्य 60% से 40% हो जाएगा। साथ ही, टिकट साइज की पाबंदियां हटेंगी और सह-ऋण, सिक्योरिटाइजेशन, और सहायक कंपनियां खोलने की अनुमति मिलेगी।
भविष्य की योजनाएं
उज्जीवन 2030 तक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने की योजना बना रहा है, जिसमें 30% माइक्रोफाइनेंस, 25% किफायती आवास, 20% MSME लोन, और बाकी वाहन, सोना, और कृषि ऋण शामिल होंगे। बैंक अगले 18-24 महीनों में QIP के जरिए ₹2,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है।
