भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भोपाल ऑफिस को लेकर चल रही अफवाहों पर आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है। पिछले कुछ दिनों से खबरें थीं कि TCS अपना भोपाल ऑफिस बंद करने जा रही है, जिससे करीब 1000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है। लेकिन अब कंपनी ने साफ कर दिया है कि ये खबरें पूरी तरह से गलत हैं। हालांकि, TCS ने यह जरूर बताया कि वह अपने ऑफिस को भोपाल से इंदौर शिफ्ट कर रही है।
कंपनी ने कहा- ऑफिस इंदौर में शिफ्ट हो रहा है
TCS ने अपने बयान में कहा, “हम समय-समय पर अलग-अलग शहरों में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों की समीक्षा करते रहते हैं। इसी के तहत हमने भोपाल ऑफिस को इंदौर शिफ्ट करने का फैसला किया है। इससे किसी भी कर्मचारी की नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नौकरी जाने की सभी खबरें बेबुनियाद और गलत हैं।”
दावा था- 1000 कर्मचारी होंगे प्रभावित
कुछ खबरों में दावा किया गया था कि भोपाल ऑफिस बंद होने से करीब 1000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं और कई लोगों को ट्रांसफर नोटिस भी मिल चुके हैं। मामला तब और गर्म हो गया जब मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने TCS के सीईओ के. कृतिवासन को पत्र लिखकर इस फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की। उनका कहना था कि ऑफिस बंद होने से भोपाल के आईटी इकोसिस्टम और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।
इंदौर में TCS का वर्ल्ड-क्लास कैंपस
TCS ने यह भी साफ किया कि कंपनी मध्यप्रदेश में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदौर में TCS का पहले से ही एक वर्ल्ड-क्लास कैंपस है, जहां 10,000 से ज्यादा प्रोफेशनल काम कर रहे हैं। कंपनी ने बताया कि भविष्य में इस कैंपस को और विस्तार देने की योजना है।
इस खबर से कर्मचारियों को राहत मिली है कि उनकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन यह पूरा मामला यह भी दिखाता है कि भारत के टियर-2 शहरों को आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों को लंबे समय तक बनाए रखने में अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।