गुरुग्राम: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में हाइथ्रो पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 346 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। कंपनी ने बैंकों से भारी-भरकम कर्ज लिया और जनता के पैसों की हेराफेरी कर बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाया। ED ने कई दस्तावेज जब्त किए और बैंक खाते फ्रीज कर दिए।
दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चेन्नई में छापेमारी
ED के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने 10 सितंबर को हाइथ्रो पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों से जुड़े 11 आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और चेन्नई में एक साथ हुई। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी और इसके निदेशकों ने बैंकों से बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर जनता के धन का दुरुपयोग किया। इस धोखाधड़ी की वजह से बैंकों को 2009 से 2015 के बीच करीब 346 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बैंकों से लिया गया भारी-भरकम कर्ज
जांच में सामने आया कि कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक से 168 करोड़, यूनियन बैंक से 56 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक से 78 करोड़ और कोटक महिंद्रा बैंक से 44 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन कंपनी इन कर्जों को चुकाने में नाकाम रही, जिसके चलते इसे गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित कर दिया गया।
ED ने जब्त किए दस्तावेज और फ्रीज किए खाते
छापेमारी के दौरान ED ने कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इनमें कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, कर्ज का ब्योरा, निवेशकों की जानकारी, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी से जुड़े लोगों के कई बैंक खाते भी फ्रीज किए गए, जिनमें 55 लाख रुपये से ज्यादा की राशि पाई गई। इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
