एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सोहम पारिख, ने सिलिकॉन वैली में हड़कंप मचा दिया है। यह कहानी है एक ऐसे व्यक्ति की, जिसने एक साथ कई अमेरिकी स्टार्टअप्स में फुल-टाइम नौकरियां कीं, बिना किसी को भनक लगे। कुछ लोग उन्हें धोखेबाज कह रहे हैं, तो कुछ उन्हें “द वुल्फ ऑफ वाईसी स्ट्रीट” या “कॉरपोरेट मजदूर” का तमगा दे रहे हैं, जिसने सिस्टम को हैक कर लिया। आखिर कौन है सोहम पारिख? कैसे उन्होंने सिलिकॉन वैली के बड़े-बड़े फाउंडर्स को अपनी चपेट में लिया, और कैसे इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ? आइए, इस कहानी को शुरू से और सरल भाषा में समझते हैं।
सोहम पारिख कौन हैं?
सोहम पारिख के वायरल रिज्यूमे के अनुसार, वे कोई साधारण इंजीनियर नहीं हैं। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की, वह भी 9.83/10 के शानदार GPA के साथ। इसके बाद, 2022 में उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री पूरी की। उनके रिज्यूमे में Dynamo AI, Union AI, Synthesia, और Alan AI जैसी जानी-मानी स्टार्टअप्स में काम करने का उल्लेख है। ऐसी प्रोफाइल देखकर कोई भी कंपनी उन्हें तुरंत नौकरी दे दे। लेकिन यहीं से शुरू हुआ उनका असली खेल।
कैसे शुरू हुआ “सोहम-गेट”?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब मिक्सपैनल के सह-संस्थापक और प्लेग्राउंड AI के फाउंडर सुहैल दोशी ने 2 जुलाई 2025 को X पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने चेतावनी दी, “सोहम पारिख नाम का एक शख्स (भारत में) एक साथ 3-4 स्टार्टअप्स में काम करता है। वह Y Combinator (YC) कंपनियों को निशाना बना रहा है। सावधान रहें। मैंने इसे अपनी कंपनी में पहले हफ्ते में निकाल दिया और इसे झूठ बोलना/धोखा देना बंद करने को कहा। यह एक साल बाद भी नहीं रुका।” इस पोस्ट ने तहलका मचा दिया, जो 20 मिलियन से ज्यादा बार देखी गई।
दoshi की पोस्ट के बाद, कई अन्य स्टार्टअप फाउंडर्स जैसे लिंडी के फ्लो क्रिवेलो, एंटीमेटल के मैट पार्कहर्स्ट, और क्रिएट के ध्रुव अमीन ने खुलासा किया कि उन्होंने भी सोहम को नौकरी पर रखा था, लेकिन बाद में उन्हें निकाल दिया गया। कुछ ने बताया कि सोहम ने इंटरव्यू में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन काम शुरू होने पर वे गायब हो जाते थे या न्यूनतम काम करते थे।
सोहम का खेल: इंटरव्यू से धोखे तक
सोहम की रणनीति बेहद चतुर थी। वह इंटरव्यू में अपनी तकनीकी क्षमताओं और करिश्माई व्यक्तित्व से सभी को प्रभावित करते थे। कई फाउंडर्स ने बताया कि सोहम ने उनके टेक्निकल टेस्ट और कोडिंग चैलेंज को आसानी से पास किया। उदाहरण के लिए, रिवर्क्ड के रोहन पांडे ने कहा कि सोहम उनके एल्गोरिदम टेस्ट में टॉप-3 परफॉर्मर्स में थे।
- पहला कदम: इंटरव्यू में धमाल – सोहम इंटरव्यू में अपनी तकनीकी दक्षता और आकर्षक व्यक्तित्व से जॉब ऑफर हासिल करते थे। उनकी प्रोफाइल में डीप लर्निंग, NLP, और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी उन्नत स्किल्स का जिक्र था।
- दूसरा कदम: एक साथ कई नौकरियां – एक कंपनी में नौकरी पाने के बाद, वे तुरंत दूसरी, तीसरी, और चौथी कंपनी में इंटरव्यू देते और नौकरियां हासिल करते। कुछ अनुमानों के अनुसार, उन्होंने 2021 से अब तक कम से कम 19 स्टार्टअप्स में काम किया।
- तीसरा कदम: रिमोट वर्क का फायदा – रिमोट वर्क की आजादी का इस्तेमाल करते हुए, सोहम एक कंपनी का काम जल्दी खत्म कर दूसरी का काम शुरू करते। कई बार वे काम को जूनियर डेवलपर्स को आउटसोर्स कर देते या अधूरा छोड़ देते।
सोहम ने कई बार अपनी लोकेशन के बारे में भी झूठ बोला। उदाहरण के लिए, रिवर्क्ड को उन्होंने बताया कि वे अमेरिका में हैं, लेकिन एक IP लॉगर से पता चला कि वे मुंबई से काम कर रहे थे।
सोहम का पक्ष: “मजबूरी में किया”
सोहम ने 3 जुलाई 2025 को TBPN पॉडकास्ट पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने एक साथ कई नौकरियां कीं, लेकिन इसे अपनी मजबूरी बताया। “मैं अपने किए पर गर्व नहीं करता। यह कुछ ऐसा नहीं है जिसे मैं समर्थन करता हूं। लेकिन कोई भी हफ्ते में 140 घंटे काम करना पसंद नहीं करता। मुझे यह आर्थिक मजबूरी में करना पड़ा,” उन्होंने कहा। सोहम ने दावा किया कि वे 2020 में अमेरिका गए थे, लेकिन वित्तीय संकट के कारण उन्हें यह रास्ता चुनना पड़ा।
हालांकि, कई फाउंडर्स ने उनके इस दावे को खारिज किया। क्रिएट के ध्रुव अमीन ने कहा कि सोहम ने उनके संसाधनों को बर्बाद किया और बार-बार झूठ बोला। एक बार जब ध्रुव ने सोहम के GitHub अकाउंट पर दूसरी कंपनी के लिए कोडिंग एक्टिविटी देखी, तो सोहम ने दावा किया कि वे सिर्फ “दोस्तों” के लिए काम कर रहे थे।
सिलिकॉन वैली की प्रतिक्रिया: मिश्रित भावनाएं
सोहम की कहानी ने सिलिकॉन वैली और सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया। X पर उनकी कहानी को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने उन्हें “हीरो” माना, जो सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर अमेरिकी स्टार्टअप्स से मोटी कमाई कर रहा था। एक यूजर ने लिखा, “सोहम ने अमेरिकी कंपनियों के लचर सिस्टम का फायदा उठाया, जो भारतीय कंपनियों की तरह कर्मचारियों पर नजर नहीं रखती।”
दूसरी ओर, कई लोगों ने उनकी नैतिकता पर सवाल उठाए। वार्प के वरुणराम गणेश ने कहा, “सोहम की हरकतों की वजह से YC स्टार्टअप्स अब रिमोट भारतीय इंजीनियर्स को नौकरी देने से हिचक सकते हैं।” लिंक्डइन के सीईओ रीड हॉफमैन ने मजाक में पूछा, “सोहम का लिंक्डइन हेडर क्या होगा?” जबकि बॉक्स के सीईओ एरॉन लेवी ने कहा कि अगर सोहम ने कहा कि वे AI एजेंट ट्रेनिंग के लिए काम कर रहे थे, तो वे 100 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल कर सकते थे।
सोहम का नया अवतार: डार्विन स्टूडियोज
इस पूरे विवाद के बावजूद, सोहम को एक नई शुरुआत मिल गई है। AI वीडियो रीमिक्सिंग स्टार्टअप डार्विन के सीईओ संजीत जुनेजा ने कहा, “सोहम एक बेहद प्रतिभाशाली इंजीनियर हैं, और हम उनकी क्षमताओं पर भरोसा करते हैं।” सोहम ने पॉडकास्ट पर दावा किया कि अब वे केवल डार्विन पर फोकस करेंगे।
रिमोट वर्क और नैतिकता पर बहस
सोहम की कहानी ने रिमोट वर्क, हायरिंग प्रोसेस, और वर्क एथिक्स पर गहरी बहस छेड़ दी है। कई फाउंडर्स का मानना है कि रिमोट वर्क की आजादी ने सोहम जैसे लोगों के लिए कई नौकरियां करना आसान बना दिया। डैंडेलियन सिविलाइजेशन के दिमित्री जायटसेव ने कहा, “सिलिकॉन वैली की प्रोडक्टिविटी और तेज हायरिंग की दीवानगी ने ऐसी स्थिति बनाई जहां कोई पांच नौकरियां कर सकता है।”
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि स्टार्टअप्स में बैकग्राउंड चेक और मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या स्टार्टअप कल्चर का “हसल” दबाव कर्मचारियों को ऐसी राह पर ले जा रहा है।
क्या सोहम जीनियस हैं या धोखेबाज?
सोहम पारिख की कहानी कई सवाल छोड़ती है:
- जीनियस या धोखेबाज? सोहम ने अपनी तकनीकी दक्षता से कई कठिन इंटरव्यूज पास किए, जो उनकी प्रतिभा दर्शाता है। लेकिन क्या यह प्रतिभा का गलत इस्तेमाल था?
- सिस्टम की खामी? रिमोट वर्क और स्टार्टअप्स की जल्दबाजी में हायरिंग ने सोहम को मौका दिया। क्या यह सिस्टम की नाकामी है?
- नैतिकता का सवाल – कई लोग मानते हैं कि एक साथ कई नौकरियां करना अनैतिक है, क्योंकि यह अन्य कर्मचारियों के अवसर छीनता है। लेकिन कुछ लोग इसे सिस्टम के खिलाफ बगावत मानते हैं।
सोहम ने 3 जुलाई 2025 को सुहैल दोशी को मैसेज कर पूछा, “क्या मैंने अपने करियर को पूरी तरह बर्बाद कर लिया है? मैं अपनी स्थिति कैसे सुधार सकता हूं?” इससे पता चलता है कि वे अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
एक सबक और एक बहस
सोहम पारिख की कहानी सिलिकॉन वैली के लिए एक सबक है। यह हमें हायरिंग प्रोसेस को मजबूत करने, रिमोट वर्क की निगरानी, और नैतिकता की सीमाओं पर विचार करने के लिए मजबूर करती है। कुछ लोग सोहम को एक जीनियस मानते हैं, जिसने सिस्टम की कमियों का फायदा उठाया, तो कुछ उन्हें धोखेबाज कहते हैं, जिसने स्टार्टअप्स का भरोसा तोड़ा। उनकी कहानी ने न केवल मीम्स और मजाक का तूफान खड़ा किया, बल्कि टेक इंडस्ट्री में पारदर्शिता और विश्वास के महत्व को भी उजागर किया।
आपको क्या लगता है? क्या सोहम पारिख एक प्रतिभाशाली इंजीनियर हैं, जिन्होंने सिस्टम को चकमा दिया, या एक अनैतिक स्कैमर, जिन्होंने अवसरों का दुरुपयोग किया? इस बहस का कोई सटीक जवाब नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से टेक वर्ल्ड को लंबे समय तक सोचने पर मजबूर करेगी।
