रीटाइम्स इंडिया, नई दिल्ली | अपडेटेड: बुधवार, 10 सितंबर 2025
नेपाल में Gen-Z के भारी प्रदर्शनों ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद देश में उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सबसे आगे आ गया है। Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने एक वर्चुअल बैठक में उनका समर्थन किया, और अब सुशीला कार्की ने भी अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने की सहमति दे दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुशीला कार्की का भारत से खास कनेक्शन क्या है? आइए, जानते हैं इस सनसनीखेज कहानी की पूरी डिटेल।
नेपाल में क्यों मचा हंगामा? ओली का इस्तीफा और Gen-Z का रोल
नेपाल में पिछले दो दिनों से Gen-Z युवाओं के नेतृत्व में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार के आरोपों और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और नेताओं के घरों पर हमला कर दिया, जिसमें 19 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। आखिरकार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। अब देश में अंतरिम सरकार बनाने की चर्चा जोरों पर है, और Gen-Z ने सुशीला कार्की को अपना उम्मीदवार चुना है।
एक युवा प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह अंतरिम सरकार है। हमने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सुशीला कार्की का नाम दिया है।” नेपाल आर्मी ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है, और राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
सुशीला कार्की: नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस, भ्रष्टाचार की कट्टर दुश्मन
सुशीला कार्की का नाम अब नेपाल की राजनीति में सबसे बड़ा है। 73 साल की सुशीला कार्की नेपाल की सुप्रीम कोर्ट की पहली और एकमात्र महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं। उन्होंने 11 जुलाई 2016 को यह पद संभाला था। एक वकील के तौर पर उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उनके ऐतिहासिक फैसलों में महिलाओं को अपने बच्चों को नागरिकता देने का अधिकार देना शामिल है, जो पहले सिर्फ पुरुषों तक सीमित था।
Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने वर्चुअल बैठक में सुशीला कार्की को चुना। इस बैठक में 5000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया, और 2500 से अधिक ने उनका समर्थन किया। सुशीला कार्की ने कहा, “मैं अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने को तैयार हूं। प्राथमिकता शांति और एक साल में चुनाव कराना है।” सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी रामन कुमार करणा ने बताया कि प्रदर्शनकारी नेपाल आर्मी चीफ से मिलकर सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाने का प्रस्ताव रखेंगे।
सुशीला कार्की का भारत से खास कनेक्शन: BHU से पढ़ाई, मोदी की तारीफ
सुशीला कार्की का जन्म 7 जून 1952 को नेपाल के विराटनगर में हुआ। लेकिन उनका भारत से गहरा नाता है। उन्होंने 1975 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से राजनीति शास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की। BHU की पूर्व छात्रा के तौर पर वह भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
सुशीला कार्की ने कई बार भारत के नेताओं की तारीफ की है। उन्होंने कहा, “मेरे भारतीय नेताओं से अच्छे संबंध हैं। खासकर मैं मोदी जी को नमस्कार करती हूं। मोदी जी का मुझ पर बहुत अच्छा प्रभाव है।” यह बयान नेपाल में उनके नेतृत्व के दौरान भारत-नेपाल के रिश्तों को और मजबूत कर सकता है।
क्या होगा नेपाल का भविष्य? प्रदर्शनकारियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों की मांगें साफ हैं: संसद भंग करना, सभी सांसदों का इस्तीफा, भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई और नए चुनाव। नेपाल में कर्फ्यू लगा हुआ है, और आर्मी ने सुरक्षा संभाल ली है। मौतों का आंकड़ा 30 से ऊपर पहुंच गया है, और 1200 से ज्यादा लोग घायल हैं। भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और नेपाल में फंसे भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर दिए हैं।
सुशीला कार्की का नेतृत्व नेपाल के लिए नया मोड़ ला सकता है। अगर वह अंतरिम पीएम बनीं, तो यह Gen-Z की जीत होगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह शांति लाएगा या और उथल-पुथल?
