रीटाइम्स इंडिया, शिमला | अपडेटेड: बुधवार, 10 सितंबर 2025
हिमाचल प्रदेश ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। राज्य ने 99.3 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करके देश का चौथा पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। यह खुशखबरी हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर शिमला में उल्लास मेला 2025 के उद्घाटन के दौरान दी। आजादी के समय जहां राज्य की साक्षरता दर महज 7 प्रतिशत थी, वहां आज यह आंकड़ा 99.3 प्रतिशत पर पहुंच गया है। आइए, जानते हैं इस सफलता की पूरी कहानी।
मिजोरम, त्रिपुरा और गोवा के बाद हिमाचल का नंबर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि मिजोरम, त्रिपुरा और गोवा के बाद हिमाचल प्रदेश अब पूर्ण साक्षर राज्य बन चुका है। यह उपलब्धि दशकों के कड़ी मेहनत और शिक्षा पर लगातार निवेश का नतीजा है। राज्य अब छात्र-शिक्षक अनुपात के मामले में भी देश में नंबर वन पर है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को दर्शाता है। सुक्खू ने कहा कि सरकार का फोकस हमेशा से शिक्षा को मजबूत बनाने पर रहा है, और यह प्रयास रंग ला रहा है।
आधुनिक शिक्षा पर जोर: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की योजना
मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार सुधार लाएगी। सरकारी संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने की योजना पर काम चल रहा है। सभी छात्रों के लिए सीखने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के नए तरीके अपनाए जाएंगे। यह कदम राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे ले जाएंगे।
ड्रॉपआउट रेट लगभग शून्य: शिक्षा मंत्री की बात
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि हिमाचल ने स्कूल छोड़ने की दर को लगभग शून्य तक पहुंचा दिया है। यह लगातार नीतिगत सुधारों, स्कूलों में भारी निवेश और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का परिणाम है। ठाकुर ने बताया कि बच्चों को स्कूल में बांधे रखने के लिए कई पहल की गई हैं, जो अब फल दे रही हैं।
राष्ट्रीय आंकड़े: भारत की साक्षरता दर 80.9%
नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन) के 2023-24 पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के अनुसार, भारत में 7 साल और उससे अधिक आयु के लोगों की साक्षरता दर 80.9 प्रतिशत है, जबकि 5 साल और उससे अधिक आयु वालों के लिए यह 79.7 प्रतिशत है। हिमाचल का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कहीं ऊपर है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम जारी रहेगा। भविष्य की चुनौतियों से निपटने और राज्य को साक्षरता के मामले में और आगे ले जाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। हिमाचल की यह सफलता न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
