शाहजहांपुर में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की चाहत दो दोस्तों के लिए जानलेवा बन गई। पांच दोस्त बाढ़ के पानी में इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए रील्स बना रहे थे, तभी दो युवक तेज बहाव में बह गए। एसडीआरएफ की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने रिंग रोड पर आवागमन बंद कर दिया है।
बाढ़ के पानी में रील्स बनाना पड़ा भारी
शाहजहांपुर में गर्रा नदी के उफान ने हालात बेकाबू कर दिए हैं। ऐसे में तिलहर क्षेत्र के घुसवारी गांव के रहने वाले कमल और रिंकू अपने दोस्तों ब्रजेश, वीरेंद्र और छोटे के साथ रील्स बनाने की योजना लेकर निकले। ये पांचों अक्सर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड करते थे और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कुछ नया करना चाहते थे।
रविवार दोपहर ये दोस्त एक बाइक पर सवार होकर घर से 10 किलोमीटर दूर सदर क्षेत्र के सुभाषनगर और राईखुर्द गांव के बीच रिंग रोड पर पहुंचे। यहां गर्रा नदी का पानी सड़क पर तेज धार के साथ बह रहा था। पांचों ने सोचा कि बाढ़ के पानी में नहाते हुए रील्स बनाना हिट हो सकता है।
तेज बहाव ने छीनी दो जिंदगियां
पांचों दोस्त सड़क पर बह रहे पानी में नहाते हुए वीडियो बनाने लगे। आसपास के लोगों ने उन्हें टोका और खतरे से आगाह किया, लेकिन वे नहीं माने। रिंकू और कमल एक साथ रील्स बनवा रहे थे, तभी पानी का तेज बहाव उन्हें नदी में खींच ले गया। बाकी तीन दोस्त ब्रजेश, वीरेंद्र और छोटे उन्हें बचाने की कोशिश में दौड़े, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी पंकज पंत और सदर पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में एसपी राजेश द्विवेदी भी घटनास्थल पर थे। भीड़ को देखते हुए रिंग रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर आवागमन बंद कर दिया गया। दोनों युवकों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे, जहां माहौल गमगीन हो गया।
एसडीआरएफ की तलाश जारी
एसडीआरएफ की दो टीमें स्टीमर के साथ दोनों युवकों की तलाश में जुटीं, लेकिन शाम 7 बजे तक कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने पर तलाश रोक दी गई। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि सोमवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू होगा। उन्होंने लोगों से बाढ़ के पानी में नहाने या रील्स बनाने से बचने की अपील की है। पुलिस ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी के लिए टीमें तैनात कर दी हैं।
