जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों के लिए सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब यह प्रक्रिया पहले जैसी नहीं रही। सरकार ने ओटीपी और पैन कार्ड सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है, जिससे जमीन रजिस्ट्री का काम अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो गया है। यह कदम न केवल फर्जीवाड़े को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आयकर विभाग को भी सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा।
ओटीपी सत्यापन की अनिवार्यता
अब जमीन रजिस्ट्री के दौरान खरीदार और विक्रेता दोनों के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी को रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करना होगा, बिना इसके प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इस नई व्यवस्था से फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। दोनों पक्षों को उनकी प्रॉपर्टी के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।
पैन कार्ड सत्यापन का महत्व
सरकार ने ₹1 लाख से अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम आयकर विभाग के लिए डाटा ट्रैकिंग को आसान बनाएगा और काले धन पर नियंत्रण में मदद करेगा। इससे न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि प्रॉपर्टी से जुड़े अवैध लेनदेन पर भी लगाम लगेगी।
आधार सत्यापन की तैयारी
निबंधन विभाग ने जल्द ही आधार सत्यापन को भी रजिस्ट्री प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि आधार आधारित सत्यापन शुरू होने के बाद फर्जीवाड़े की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह प्रक्रिया रजिस्ट्री को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएगी।
नई प्रक्रिया का कार्यान्वयन
लखनऊ मुख्यालय से गुरुवार दोपहर 12:00 बजे से यह नई प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। पहले दिन गोरखपुर सदर निबंधन कार्यालय में लगभग 130 रजिस्ट्रियां ओटीपी आधारित प्रक्रिया के तहत हुईं। यह दर्शाता है कि लोग इस नई व्यवस्था को अपनाने के लिए जागरूक और सहयोगी हैं।
जनता और सरकार को लाभ
यह नई प्रणाली न केवल रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाएगी, बल्कि इसमें पारदर्शिता भी लाएगी। आम आदमी को अपनी प्रॉपर्टी की सत्यता के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी। साथ ही, केवल ऑथेंटिक मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी भेजा जाएगा, जिससे प्रक्रिया और सुरक्षित होगी। सरकार को भी इससे राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।
सरकार का यह कदम जमीन की खरीद-बिक्री को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ओटीपी और पैन कार्ड सत्यापन के साथ-साथ आधार सत्यापन की शुरुआत से प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है। यह नीति आम जनता और सरकार दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
