मणिपुर में शांति और सुरक्षा बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने 13 और 14 जून 2025 की मध्यरात्रि को एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान इंफाल घाटी के पांच जिलों—इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग—के बाहरी इलाकों में किया गया। खुफिया सूचनाओं के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन में 328 हथियारों के साथ-साथ भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह कार्रवाई मणिपुर में अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने और शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ऑपरेशन का विवरण
मणिपुर पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा छिपाया गया है। इस सूचना के आधार पर, मणिपुर पुलिस, CAPF, भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने पांच जिलों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह ऑपरेशन रणनीतिक रूप से नियोजित था और इसमें अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया, जिससे अभियान की सफलता सुनिश्चित हुई।
बरामद हथियार और सामग्री
इस अभियान में बरामद हथियारों और गोला-बारूद की सूची इस प्रकार है:
- सेल्फ-लोडिंग राइफल्स (SLR): 151
- इंसास राइफल्स: 65
- अन्य प्रकार की राइफल्स: 73
- कार्बाइन गन: 5
- MP5 गन: 2
- लाइट मशीन गन (LMG): 12
- AK-सीरीज राइफल्स: 6
- अमोघ राइफल्स: 2
- मोर्टार: 1
- पिस्टल: 6
- AR-15 राइफल: 1
- फ्लेयर गन: 2
- मैगजीन: 591
- गोला-बारूद:
- SLR राउंड: 3,534
- इंसास राउंड: 2,186
- .303 राउंड: 2,252
- AK राउंड: 234
- अमोघ राउंड: 407
- 9mm राउंड: 20
- अन्य सामग्री:
- लैथोड: 3
- डेटोनेटर: 7
- पैराबम: 3
ये बरामद हथियार और सामग्री मणिपुर पुलिस को सौंप दी गई है, और आगे की जांच के लिए संबंधित प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं।
मणिपुर में शांति के लिए प्रतिबद्धता
मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) ल्हारी दोरजी ल्हातू ने इस ऑपरेशन को एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा, “13-14 जून की रात को शुरू किए गए ये खुफिया आधारित अभियान मणिपुर में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की निरंतर कोशिशों का हिस्सा हैं। हम नागरिकों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मणिपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों या अवैध हथियारों से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या केंद्रीय नियंत्रण कक्ष में रिपोर्ट करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी नियमित और केंद्रित तरीके से जारी रहेंगे ताकि मणिपुर में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
पृष्ठभूमि और महत्व
मणिपुर में 2023 से कुकी-जो और मैतेई समुदायों के बीच चल रहे जातीय तनाव ने हिंसा को बढ़ावा दिया है। इस हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। अवैध हथियारों की मौजूदगी ने इस अशांति को और बढ़ाया है। फरवरी 2025 में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला द्वारा अवैध हथियारों को सात दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम जारी किया गया था, जिसके बाद घाटी के जिलों में करीब 4,500 हथियार बरामद किए गए, जो कुल लूटे गए हथियारों का लगभग 75% है।
हालांकि, पहाड़ी जिलों में अभी भी हथियारों की बरामदगी में चुनौतियां बनी हुई हैं। इस ऑपरेशन की सफलता घाटी क्षेत्रों में प्रभावी खुफिया नेटवर्क और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी इसी तरह की रणनीतियों को लागू करने की जरूरत है, जैसे कि ड्रोन और थर्मल इमेजिंग का उपयोग, ताकि वहां भी अवैध हथियारों पर लगाम लगाई जा सके।
सुरक्षा बलों की रणनीति
इस ऑपरेशन में मणिपुर पुलिस, CAPF, भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई ने एक मिसाल कायम की है। असम राइफल्स, जिसे “उत्तर-पूर्व का प्रहरी” कहा जाता है, मणिपुर में सीमा सुरक्षा और उग्रवाद-रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अभियान में इस्तेमाल किए गए आधुनिक उपकरण, जैसे विस्फोटक डिटेक्शन डॉग्स और मेटल डिटेक्टर, ने छिपे हुए हथियारों का पता लगाने में मदद की।
मणिपुर पुलिस ने सभी सुरक्षा हितधारकों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों को और तेज करने के लिए छोटी और चुस्त इकाइयों का गठन किया जा सकता है, जो पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
जनता से अपील
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियारों की जानकारी को तुरंत पुलिस तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। यह सहयोग मणिपुर में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
