न्यूज डेस्क, रीटाइम्स इंडिया
प्रकाशित: गुरुवार, 07 अगस्त 2025
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने इस शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 7 और 8 के पाठ्यक्रम में भारत के युद्ध नायकों—फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, और मेजर सोमनाथ शर्मा की जीवन गाथाएं और बलिदान की कहानियां शामिल की हैं। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (7 अगस्त 2025) को बताया कि ये नई अध्याय कक्षा 8 (उर्दू), कक्षा 7 (उर्दू), और कक्षा 8 (अंग्रेजी) के लिए जोड़े गए हैं।
इन अध्यायों का मकसद छात्रों को साहस, कर्तव्यनिष्ठा, और देशभक्ति की प्रेरणादायक कहानियों से रूबरू कराना है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये कहानियां न केवल भारत के सैन्य इतिहास की झलक देंगी, बल्कि छात्रों में लचीलापन, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने जैसे मूल्यों को भी बढ़ावा देंगी।
युद्ध नायकों की कहानियां
- फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ
भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ को उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कुशलता के लिए याद किया जाता है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी अगुवाई में भारत ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का निर्माण हुआ। उनकी कहानी कक्षा 8 (उर्दू) के पाठ्यक्रम में शामिल की गई है। - ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान
ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में उनके साहस के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। जम्मू-कश्मीर में नौशेरा की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी गाथा कक्षा 7 (उर्दू) में पढ़ाई जाएगी। - मेजर सोमनाथ शर्मा
मेजर सोमनाथ शर्मा भारत के पहले परम वीर चक्र विजेता थे। 1947 में कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी कहानी कक्षा 8 (अंग्रेजी) के पाठ्यक्रम में शामिल की गई है।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का महत्व
रक्षा मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय और NCERT के साथ मिलकर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को स्कूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। 25 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंडिया गेट के पास सेंट्रल विस्टा ‘सी’ हेक्सागन में इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ नागरिकों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देता है।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन युद्ध नायकों की कहानियां और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का पाठ्यक्रम में शामिल होना छात्रों को भारत के सैन्य इतिहास से जोड़ेगा और उनमें देश के प्रति समर्पण की भावना जगाएगा।
इन अध्यायों का उद्देश्य
इन नई अध्यायों को शामिल करने का मकसद केवल इतिहास पढ़ाना नहीं है, बल्कि छात्रों को उन मूल्यों से प्रेरित करना है जो इन नायकों ने अपने जीवन और बलिदान से प्रदर्शित किए। ये कहानियां छात्रों को सिखाएंगी कि कैसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की सेवा की जा सकती है। साथ ही, यह युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना को मजबूत करेगा।हमसे जुड़ें:
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