- बिटकॉइन (BTC): वर्तमान में $117,853 पर ट्रेड कर रहा है, बीते 24 घंटों में 10-15 बेसिस पॉइंट की मामूली गिरावट के साथ। यह अभी भी $111,900 के मजबूत सपोर्ट लेवल से ऊपर है, और अगला रेजिस्टेंस ज़ोन $123,600 पर है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि ट्रेडर्स फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के नतीजों को लेकर पोजीशन बना रहे हैं, जिसका परिणाम आज देर रात (भारतीय समयानुसार) आएगा।
- इथेरियम (ETH): $3,788 पर स्थिर, पिछले 24 घंटों में स्थिरता दिखा रहा है। इथेरियम की तेजी का मुख्य कारण स्पॉट ETH ETF में बढ़ता इनफ्लो है। अगला सपोर्ट $3,600 और रेजिस्टेंस $4,000 पर है।
- सोलाना (SOL): ₹12,280 (~$147) पर ट्रेड कर रहा है, 31 बेसिस पॉइंट की मामूली गिरावट के साथ। तकनीकी चार्ट्स $180 (~₹15,000) पर कंसोलिडेशन दिखा रहे हैं। सोलाना की लोकप्रियता DeFi और NFT गतिविधियों के कारण बढ़ रही है।
- बाइनेंस कॉइन (BNB): $80 पर 3.16% की गिरावट के साथ। यह ऑल्टकॉइन्स पर दबाव को दर्शाता है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि ऑल्टकॉइन ETF जल्द आएंगे, जिससे BNB में तेजी देखने को मिल सकती है।
संस्थागत निवेश और ETF ट्रेंड्स
- इथेरियम ETF: जुलाई 2025 में इथेरियम स्पॉट ETF में $5.1 बिलियन का इनफ्लो देखा गया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना है। यह संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है, जिससे इथेरियम की कीमत में तेजी बनी हुई है।
- बिटकॉइन ETF: जुलाई में $5.7 बिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया। हालांकि, इथेरियम का मार्केट शेयर बिटकॉइन की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है।
- क्रिप्टो व्हेल्स: बड़े निवेशक अपने फंड को रियल-वर्ल्ड एसेट्स (जैसे स्टॉक्स) और DeFi टोकन्स की ओर डायवर्ट कर रहे हैं। यह FOMC बैठक से पहले पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग का संकेत है।
रिटेल निवेशकों का उत्साह
- सोलाना की लोकप्रियता: Google पर सोलाना प्राइस प्रेडिक्शन की सर्च में 220% की बढ़ोतरी देखी गई। सोलाना चेन पर नए DeFi प्रोजेक्ट्स और NFT गतिविधियों ने रिटेल निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है।
- फियर एंड ग्रीड इंडेक्स: 64 पर, जो “ग्रीड” टेरिटरी को दर्शाता है। यह बाजार में कीमतें बढ़ने की उम्मीद को दिखाता है, हालांकि रिटेल फ्लो में मामूली कमी और एक्सचेंज वॉल्यूम में 30% की गिरावट छोटे ट्रेडर्स की सतर्कता को दर्शाती है।
- कॉइन इंडेक्स 80: 911 अंकों पर, जो 24 घंटे में 900 से नीचे गया था। अगर दबाव बढ़ा, तो यह 7-दिन के निम्न स्तर 887.35 की ओर जा सकता है।
वैश्विक नियामक अपडेट्स
- यूनाइटेड किंगडम: UK ट्रेजरी ने क्रिप्टो एक्सचेंज, डीलर्स, और स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं के लिए सख्त नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक वित्त जैसी पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- अमेरिका: क्रिप्टो ATM फ्रॉड प्रिवेंशन एक्ट 2025 सीनेट में पहुंचा है। आयोवा ने $1,000/दिन और $10,000/30 दिन की ट्रांजैक्शन सीमा लागू की है, साथ ही स्कैम चेतावनियां और रिफंड नीतियां अनिवार्य की हैं। नेब्रास्का और विस्कॉन्सिन ने भी समान कानून लागू किए हैं।
- यूरोपियन यूनियन: सितंबर 2025 से गुमनाम क्रिप्टो ATM ट्रांजैक्शन पर प्रतिबंध लगेगा। MiCA कानून के तहत KYC अनिवार्य होगा।
- ऑस्ट्रेलिया: क्रिप्टो ATM पर $5,000 की निकासी सीमा और स्कैम चेतावनियां अनिवार्य की गई हैं।
- न्यूजीलैंड: क्रिप्टो ATM पर पूर्ण प्रतिबंध लगा, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले बढ़े हैं।
- दक्षिण कोरिया: बैंक ऑफ कोरिया ने स्टेबलकॉइन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए क्रिप्टो एसेट डिवीजन बनाया है।
क्रिप्टो एक्सचेंज और कॉर्पोरेट अपडेट्स
- NFT मार्केट: NFT सेल्स वॉल्यूम 41% बढ़कर $221 मिलियन पर पहुंचा। क्रिप्टो पंक की बिक्री में 590% का उछाल देखा गया।
- भारत में जांच: बाइनेंस और वजीरएक्स पर एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और KYC चूक को लेकर जांच चल रही है, जिससे संस्थागत निवेश में कमी आई है।
- यूके में रिटेल ट्रेडिंग: रैक बैंक ने रिटेल क्रिप्टो ट्रेडिंग शुरू की, जिसका लक्ष्य इस तिमाही में 3 लाख यूजर्स तक पहुंचना है।
- सैमसंग वॉलेट: कॉइनबेस को सपोर्ट करने से दक्षिण एशिया में क्रिप्टो वॉलेट का उपयोग बढ़ने की उम्मीद है।
अगले 24 घंटों का आउटलुक और जोखिम
- FOMC बैठक: फेडरल रिजर्व की बैठक पर सभी की नजरें हैं। अगर ब्याज दरों या बैलेंस शीट में बड़ा बदलाव होता है, तो क्रिप्टो मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- SEC का बिटवाइज ETF फैसला: 31 जुलाई को SEC का बिटवाइज ETF पर निर्णय बाजार के सेंटीमेंट को बदल सकता है। पिछले हफ्ते मंजूरी के बाद इसे रोक दिया गया था, जिससे अनिश्चितता बढ़ी है।
- लेयर-2 सॉल्यूशन: लेयर-2 सॉल्यूशंस, जैसे इथेरियम के समानांतर बनाए गए सिस्टम, ट्रांजैक्शंस को तेज और सस्ता बना रहे हैं। यह क्रिप्टो की मुख्यधारा में स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद कर रहा है।
FOMC बैठक और SEC के बिटवाइज ETF फैसले से क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव की संभावना है। इथेरियम और सोलाना में संस्थागत और रिटेल निवेशकों का उत्साह बना हुआ है, जबकि बिटकॉइन स्थिर लेकिन सतर्क है। ऑल्टकॉइन्स पर दबाव है, लेकिन ETF की उम्मीदें तेजी की संभावना को बढ़ा रही हैं। नियामक सख्ती और तकनीकी नवाचार, जैसे लेयर-2 सॉल्यूशंस, क्रिप्टो मार्केट के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
