विक्रम सोलर का IPO 19 अगस्त 2025 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है, और यह सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका लेकर आया है। कंपनी 2,079 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है और इसका मुकाबला वारी एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी जैसे बड़े खिलाड़ियों से है। आइए, इन तीनों कंपनियों की तुलना करें और देखें कि विक्रम सोलर कहां खड़ा है, साथ ही सौर ऊर्जा क्षेत्र का भविष्य कैसा दिखता है।
विक्रम सोलर IPO: क्या है खास
विक्रम सोलर का IPO 19 से 21 अगस्त 2025 तक खुला रहेगा। कंपनी 2,079.37 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल शामिल है। IPO का प्राइस बैंड 315 से 332 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, और लॉट साइज 45 शेयरों का है।
2005 में शुरू हुई विक्रम सोलर लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी सौर फोटोवोल्टिक (PV) मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में से एक है, जिसके पास 17 साल से ज्यादा का अनुभव है। FY25 में कंपनी की इंस्टॉल्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 4.50 गीगावाट है, जिसमें 2.85 गीगावाट ALMM (Approved List of Module Manufacturers) में शामिल है। कंपनी ने 2009 में 12 मेगावाट की क्षमता के साथ शुरुआत की थी और अब यह पश्चिम बंगाल के फाल्टा SEZ और तमिलनाडु के ओरागडम में दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स चलाती है। ये यूनिट्स पोर्ट्स और प्रमुख ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के पास हैं, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्केट को सपोर्ट करती हैं।
विक्रम सोलर के तीन मुख्य बिजनेस डिवीजन हैं: घरेलू PV मॉड्यूल सेल्स, निर्यात, और EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) व O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) सर्विसेज। FY25 में कंपनी की 97.2% आय घरेलू बिक्री से आई, जिसके पीछे 10,340.82 मेगावाट का ऑर्डर बुक है। कंपनी FY26 तक 15.50 गीगावाट और FY27 तक 20.50 गीगावाट PV मॉड्यूल क्षमता तक पहुंचने की योजना बना रही है।
IPO से मिलने वाली रकम का 90.9% यानी 1,364.9 करोड़ रुपये, कंपनी अपनी सहायक कंपनी VSL ग्रीन पावर प्राइवेट लिमिटेड के फेज-I और फेज-II प्रोजेक्ट्स के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर में इस्तेमाल करेगी, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए होगी।
सौर ऊर्जा क्षेत्र का भविष्य: तेजी से बढ़ रहा है मार्केट
सौर PV मैन्युफैक्चरिंग उद्योग रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन गया है। अनुमान है कि FY30 तक इसकी क्षमता 175-185 गीगावाट तक पहुंच जाएगी, जो इस उद्योग के शानदार भविष्य को दर्शाता है। 2025 की पहली छमाही में भारत ने 22 गीगावाट रिन्यूएबल क्षमता जोड़ी, जिसमें सौर ऊर्जा ने 18.4 गीगावाट के साथ 51% की बढ़ोतरी दर्ज की।
भारत सरकार की नीतियां इस ग्रोथ को और बढ़ावा दे रही हैं। 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य, PLI स्कीम, 4,500 करोड़ रुपये का बजट, और आत्मनिर्भर भारत अभियान जैसे कदम सौर आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। सरकार का नेट जीरो उत्सर्जन और लोकलाइजेशन पर फोकस सौर ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा का नया युग बना रहा है।
वारी एनर्जी और प्रीमियर एनर्जी जैसे बड़े खिलाड़ी इस क्षेत्र में पहले से मजबूत स्थिति में हैं और अब विक्रम सोलर भी इनसे मुकाबला करने को तैयार है। 31 मार्च 2025 तक इन कंपनियों की ऑपरेशनल क्षमता 0.60 गीगावाट से 13.30 गीगावाट तक है।
वित्तीय प्रदर्शन: FY25 का स्नैपशॉट
| कंपनी (करोड़ में) | आय | शुद्ध मुनाफा | P/E (x) |
| विक्रम सोलर | ₹3,423 (▲ 36.3% YoY) | ₹139.8 (▲ 75.4% YoY) | 72.01 |
| वारी एनर्जी | ₹14,444 (▲ 26.7% YoY) | ₹1,928 (▲ 51.3% YoY) | 38.5 |
| प्रीमियर एनर्जी | ₹6,519 (▲ 107% YoY) | ₹937 (▲ 305% YoY) | 43.8 |
तीनों कंपनियों ने FY25 में आय और शुद्ध मुनाफे में शानदार दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की। हाल ही में खत्म हुई जून तिमाही में वारी एनर्जी ने अपनी अब तक की सबसे ज्यादा त्रैमासिक प्रोडक्शन दर्ज की, जिसमें 64% की बढ़ोतरी के साथ 2.3 गीगावाट उत्पादन हुआ, साथ ही आय में 31% और PAT में 94% की YoY बढ़ोतरी हुई। प्रीमियर एनर्जी ने भी वित्तीय वर्ष की मजबूत शुरुआत की, जिसमें आय में 12% और PAT में 55% की YoY बढ़ोतरी हुई। विक्रम सोलर भी तेजी से बढ़ रहा है, FY23 से FY25 तक आय में 18.2% और शुद्ध मुनाफे में 112% की CAGR दर्ज की गई।
ऑर्डर बुक, क्षमता और कार्यान्वयन
| कंपनी | ऑपरेशनल क्षमता | मार्केट शेयर* | ऑर्डर बुक (MW) | मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स |
| विक्रम सोलर | 4.5 GW मॉड्यूल्स | 3.14% | 10,340 | पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 1-1 |
| वारी एनर्जी | 15 GW मॉड्यूल्स, 5.4 GW सेल्स | 13.16% | 25,000 | गुजरात में 4 |
| प्रीमियर एनर्जी | 5.1 GW मॉड्यूल्स, 2 GW सेल्स | 4.01% | 5,545 | तेलंगाना में 2 |
*मार्केट शेयर % ALMM लिस्ट (30 जून 2025) के आधार पर
विक्रम सोलर के पास बड़े विस्तार की योजना है, जिसमें अमेरिका में 3 गीगावाट सौर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और FY26 तक 15.50 गीगावाट की प्रोडक्शन क्षमता शामिल है। वारी एनर्जी ने 100 गीगावाट से ज्यादा का पाइपलाइन बनाया है और आने वाली तिमाहियों में मजबूत ऑर्डर बुक बनाए रखने पर फोकस कर रही है। प्रीमियर एनर्जी 100% घरेलू एक्सपोजर के साथ 2028 तक एक इंटीग्रेटेड मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम बनाने की राह पर है।
निवेशकों के लिए मौका
सौर ऊर्जा क्षेत्र निवेशकों के लिए शानदार मौके दे रहा है, खासकर उन कंपनियों के साथ जो साफ विस्तार योजनाओं पर काम कर रही हैं। वारी एनर्जी FY27 तक अपनी क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखती है। प्रीमियर एनर्जी भारत की पहली कंपनियों में से है, जो TOPCon सेल्स बनाती है और 2028 तक भारत की अग्रणी क्लीनटेक सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की राह पर है। विक्रम सोलर अपने IPO के जरिए मार्केट में एंट्री कर रही है, जिसके फंड्स का इस्तेमाल VSL ग्रीन पावर प्राइवेट लिमिटेड के तहत नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने में होगा। निवेशक इन सौर PV निर्माताओं की क्षमता वृद्धि, ऑर्डर बुक कन्वर्जन और मार्जिन स्थिरता पर नजर रख सकते हैं।
