क्रिप्टो मार्केट में आज स्टेबलकॉइन एक बड़ा ट्रेंड है। अगर आप CoinMarketCap पर जाकर देखें, तो नंबर 7 पर USDC दिखेगा, जो Circle का स्टेबलकॉइन है। वहीं नंबर 4 पर Tether है, जो US डॉलर पर आधारित स्टेबलकॉइन है। कुल स्टेबलकॉइन मार्केट कैप में 80% से ज्यादा हिस्सा इन्हीं दो टोकन के पास है। लेकिन थोड़ा स्क्रॉल करें, तो एक नया स्टेबलकॉइन USDe नजर आएगा, जो Ethena प्रोटोकॉल पर बना है। इसी प्रोटोकॉल का अपना गवर्नेंस टोकन ENA नंबर 30 पर है। इस लेख में हम डिटेल में बात करेंगे कि आज की तारीख में USDe और Ethena की डिमांड क्यों बढ़ रही है? क्यों संस्थागत निवेशक और बड़े इन्वेस्टर इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं।
CoinMarketCap पर लाखों टोकन हैं, लेकिन आपकी आसानी के लिए CoinMarketCap की बेस्ट क्रिप्टो प्रोजेक्ट लिस्ट में टॉप 30 प्रोजेक्ट्स क्यूरेट किए गए हैं, जिनमें ग्रोथ का पोटेंशियल ज्यादा है। आप इन पर आगे रिसर्च कर सकते हैं। मेरा नाम कीर्ति श्यावास है। इस प्लेटफॉर्म पर हम क्रिप्टो की फंडामेंटल लर्निंग पर फोकस करते हैं, ताकि आप लॉन्ग टर्म में वेल्थ बना सकें। डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ एजुकेशनल है, इसका मकसद आपको सही तरीके से एजुकेट करना है, ताकि आप सही फैसले ले सकें। अगर ऐसे लेखों में इंटरेस्ट है, तो जुड़िए। ऐसे कंटेंट बनाने में काफी मेहनत लगती है, जहां मैं अपने अनुभव शेयर करता हूं। कमेंट, लाइक और सब्सक्राइब करके आगे बढ़ते हैं।
सबसे पहले Ethena की बात, जिस पर आज फोकस है। यह Ethereum ब्लॉकचेन पर बना प्रोटोकॉल है, जिसका मकसद डिजिटल डॉलर प्रिंट करना है। जी हां, ऐसा डॉलर जो हमेशा $1 के करीब रहे। आप सोचेंगे, इसमें क्या खास है? क्यों यह इतना ग्रो कर रहा है? क्योंकि पिछले 1-1.5 साल में इसका मार्केट कैप 12 बिलियन के आसपास पहुंच गया है, और 7 लाख से ज्यादा यूजर्स इसे होल्ड कर रहे हैं।
समझते हैं इसकी पॉपुलैरिटी का राज। हर ब्लॉकचेन किसी समस्या का समाधान है। थोड़ा पीछे जाएं, तो USDT मार्केट का 60% कब्जा रखता है, और USDC 20-30%। ये दोनों सेंट्रलाइज्ड या फिएट-बेस्ड स्टेबलकॉइन हैं। स्टेबलकॉइन कैसे काम करता है? यह $1 पर रहता है। आप $100 देते हैं, तो वे बैंक में जमा करते हैं और 100 टोकन प्रिंट करते हैं। बेचने पर $100 वापस मिलता है। इसलिए इन्हें सेंट्रलाइज्ड कहते हैं। स्टेबलकॉइन पर ज्यादा जानना है, तो 30 मिनट का डिटेल वीडियो देखें।
लेकिन इनकी तीन समस्याएं हैं। पहली, अगर सरकार फंड फ्रीज कर दे, तो सेंसरशिप का खतरा। दूसरी, बैंक बैंककरप्ट हो जाए, जैसे Circle के साथ Silicon Valley Bank का केस। 3.3 बिलियन फंस गए थे। लकीली सरकार ने मदद की, वरना टोकन वैल्यू गिर जाती। तीसरी, बिटकॉइन या इथेरियम से स्टेबलकॉइन प्रिंट नहीं कर सकते।
इसीलिए Ethena प्रोटोकॉल नवंबर 2023 में लॉन्च हुआ। इसका मकसद इंटरनेट बॉन्ड बनाना, जहां बिटकॉइन, इथेरियम या सोलाना जैसी क्रिप्टो से स्टेबलकॉइन प्रिंट कर सकें। डॉलर जमा करने या बैंक की जरूरत नहीं। यह पूरी तरह ब्लॉकचेन-बेस्ड डीसेंट्रलाइज्ड स्टेबलकॉइन है, जो आज बड़ा नैरेटिव है।
अब समझें यह कैसे काम करता है। डैम को $1 पर रखने के लिए। सिंपल तरीके से, फिएट में $1 बैंक में है, तो टोकन $1। लेकिन इथेरियम से प्रिंट करें, तो इथेरियम गिरे तो वैल्यू गिरेगी। इसे बैलेंस करने के लिए इनोवेटिव कांसेप्ट: आप टोकन डिपॉजिट करें, USDe प्रिंट होता है। इथेरियम डिपॉजिट पर एक्सचेंजों पर शॉर्ट पोजीशन ओपन करते हैं। फ्यूचर में प्राइस गिरने पर बैटिंग। अगर इथेरियम बढ़े, तो वहां प्रॉफिट, यहां लॉस- बैलेंस रहता है।
डिटेल में: डायग्राम से, लॉन्ग (स्टेकिंग) और शॉर्ट (फ्यूचर)। $100 स्टेक, 10% बढ़े तो $110, लेकिन शॉर्ट में $10 लॉस। नेट $100। गिरावट में भी बैलेंस। इनोवेटिव आइडिया।
अब, स्टेबलकॉइन होने पर लोग क्यों इन्वेस्ट करें? इसका रिवॉर्ड मैकेनिज्म। ऑफिशियल साइट पर लॉन्च ऐप, USDe स्टेक पर यील्ड। प्रॉफिट कैसे? स्टेकिंग से। 2024 में 19% रिटर्न, 2025 में 9%। बैंक से ज्यादा।
प्रॉफिट सोर्स: स्टेकिंग इंटरेस्ट, फंडिंग फीस (शॉर्ट से), यील्ड फार्मिंग। यह कम्युनिटी को डिस्ट्रीब्यूट होता है। इसलिए USDe की डिमांड बढ़ रही है।
टेक्निकल से क्लियर? ENA गवर्नेंस टोकन। प्रोटोकॉल मेंटेन के लिए वोटिंग। ENA स्टेक पर रिवॉर्ड। टोकेनॉमिक्स: 15 बिलियन टोटल, 6.5 बिलियन सर्कुलेटिंग। 44% अनलॉक्ड, हर महीने 171 मिलियन रिलीज। 5 बिलियन मार्केट कैप।