कानपुर: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर कानपुर में हंगामा मच गया। पहलगाम हमले के विरोध में शहर के क्रिकेट प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर बीसीसीआई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आवास विकास हंसपुरम के बीच चौराहे पर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और इस मैच को पहलगाम हमले में मारे गए लोगों का अपमान बताया। आइए, जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों भड़का लोगों का गुस्सा।
क्या है विवाद की वजह
पहलगाम हमले के बाद से देशभर में गुस्सा है, और कानपुर के लोग भी इससे अछूते नहीं रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसे समय में भारत-पाक क्रिकेट मैच का आयोजन न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि यह उन लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, जिन्होंने हमले में अपने प्रियजनों को खोया। आवास विकास हंसपुरम में जमा हुए लोगों ने बीसीसीआई के फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन में क्या हुआ
- नारेबाजी और हंगामा: बीच चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने बीसीसीआई के खिलाफ नारे लगाए और मैच रद्द करने की मांग की।
- पहलगाम हमले का जिक्र: प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनरों के जरिए पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और बीसीसीआई पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया।
- स्थानीय लोगों का समर्थन: आसपास के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए और बीसीसीआई के फैसले को गलत ठहराया।
लोगों का गुस्सा क्यों
पहलगाम हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे में क्रिकेट जैसे खेल के जरिए भारत-पाकिस्तान के बीच संबंध सामान्य करने की कोशिश को कई लोग गलत मान रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीसीसीआई को देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और इस तरह के आयोजनों से बचना चाहिए।
फिलहाल, बीसीसीआई ने इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन कानपुर में हुए इस विरोध ने एक बार फिर भारत-पाक क्रिकेट मैच को लेकर बहस छेड़ दी है। क्या बीसीसीआई इस मसले पर कोई कदम उठाएगी, या फिर मैच अपने तय समय पर होगा? यह देखना दिलचस्प होगा।
कानपुर के लोगों ने अपनी बात साफ कर दी है, अब गेंद बीसीसीआई के पाले में है। इस खबर पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में जरूर बताएं!
