जम्मू-कश्मीर में आई आपदा से सेब की फसल बुरी तरह बर्बाद हो रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर नेता फारूक अब्दुल्ला ने इस नुकसान पर अपनी राय देते हुए कहा कि ये सब अल्लाह की नाराजगी है, क्योंकि लोग नमाज नहीं पढ़ते। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी मुश्किलें इंसानों को अल्लाह की तरफ लौटने के लिए जगाती हैं।
जम्मू-कश्मीर में सेब की फसल सड़ने पर फारूक अब्दुल्ला का विवादास्पद बयान (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, अनंतनाग। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से सेब की फसल पर बुरा असर पड़ा है और विपक्ष जम्मू-कश्मीर प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। इसी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने इसे भगवान की सजा बताया है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में राजनीति कभी थमती नहीं। कुछ लोग इसी राजनीति से अपना घर चलाते हैं। उन्हें दिल्ली से पैसे मिलते हैं और वे उसी से जीते हैं… क्या लोगों ने पहाड़ों को नुकसान पहुंचाया या बारिश लाई?
ये अल्लाह का प्रकोप है क्योंकि हम उनसे दूर हो गए हैं। ये इसलिए क्योंकि हम नमाज नहीं पढ़ते। ऐसी परेशानियां हमें अल्लाह की ओर मुड़ने के लिए जगा देती हैं। देखो आज गाजा में क्या हो रहा है, जहां हजारों लोग मर रहे हैं। क्या कोई मुस्लिम देश इस पर आवाज उठा रहा है।
कश्मीर अपने स्वादिष्ट सेबों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन इस साल आई आपदा ने सेब की फसल पर भारी मार डाली। बड़ी तादाद में सेब सड़ गए और किसानों को लाखों का नुकसान हुआ। इससे किसान काफी निराश हैं।
आपदा से टूटी सड़कें भी बड़ी समस्या बन गई हैं। पिछले कई दिनों से कश्मीर से ताजे सेब लेकर आ रहे एक हजार से ज्यादा ट्रक राजमार्ग खराब होने की वजह से फंस गए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मदद मांगी। गडकरी ने समस्या सुलझाने के लिए 24 घंटे में ‘ठोस कदम’ उठाने का वादा किया।
