भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने एमएस धोनी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। कार्तिक ने कहा कि धोनी की मौजूदगी ने उनकी राह इतनी मुश्किल कर दी थी कि उन्हें बार-बार अपना रोल बदलना पड़ा, जैसे कोई गिरगिट रंग बदलता है। लेकिन इसके साथ ही कार्तिक ने धोनी की तारीफों के भी पुल बांधे और बताया कि कैसे माही ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी धाक जमाई।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने एमएस धोनी के बारे में दिलचस्प बातें साझा की हैं। कार्तिक ने बताया कि धोनी की वजह से उन्हें टीम इंडिया में जगह बनाना बेहद मुश्किल हो गया था। धोनी के आने के बाद कार्तिक को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, और फिर वह दोबारा अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए।
कार्तिक का डेब्यू धोनी से पहले हुआ था। वह धीरे-धीरे टीम में अपनी जगह बना रहे थे, तभी धोनी की धमाकेदार एंट्री हुई। धोनी ने न सिर्फ विकेटकीपर की भूमिका निभाई, बल्कि कप्तान बनकर भारत को तीन ICC ट्रॉफी (T20 वर्ल्ड कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011, और चैंपियंस ट्रॉफी 2013) जिताईं। उनके इस दबदबे ने किसी अन्य विकेटकीपर के लिए कोई मौका नहीं छोड़ा।
धोनी की तूफानी बल्लेबाजी थी चर्चा का विषय
इंडिया टुडे कॉनक्लेव साउथ 2025 में हिस्सा लेने आए कार्तिक ने उस दौर को याद किया जब धोनी ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से सबको हैरान कर दिया था। कार्तिक ने कहा, “मैंने धोनी को ज्यादा खेलते नहीं देखा था। लेकिन केन्या के खिलाफ ए टीम की सीरीज में हर कोई एक खिलाड़ी की बात कर रहा था। धोनी जिस ताकत से गेंद को मारते थे, वैसा पहले किसी ने नहीं देखा था। लोग उनकी तुलना गैरी सोबर्स से कर रहे थे, क्योंकि वह लंबे-लंबे छक्के मारते थे। उनकी तकनीक जुदा थी, लेकिन उनकी ताकत ने हर किसी को हैरान कर दिया।”
‘धोनी ने मुझे बनाया गिरगिट’
कार्तिक ने बताया कि धोनी के आने के बाद उन्होंने अपनी जगह बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। उन्होंने कहा, “जब धोनी जैसे खिलाड़ी आते हैं, तो आपको खुद से सवाल करना पड़ता है कि मैं कैसे बेस्ट दे सकता हूं। मैं थोड़ा गिरगिट बन गया। अगर टीम में ओपनिंग की जगह खाली होती, तो मैं तमिलनाडु जाकर कोच से कहता, ‘सर, क्या मैं ओपनिंग कर सकता हूं?’ मैं रन बनाकर टीम इंडिया में जगह पक्की करने की कोशिश करता।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर मिडिल ऑर्डर में मौका होता, तो मैं वहां बल्लेबाजी करने की अपील करता। मेरी सबसे बड़ी चुनौती थी कि मैं किसी भी पोजीशन पर बल्लेबाजी कर सकूं। इस चक्कर में मैंने खुद पर बहुत दबाव डाला।”
कार्तिक ने माना कि धोनी की मौजूदगी ने उन्हें बार-बार अपना रोल बदलने के लिए मजबूर किया, लेकिन वह धोनी की काबिलियत के कायल भी हैं।
