दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार सुबह उनके सिविल लाइन्स स्थित आवास पर ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ। हमलावर, 41 साल के साकरिया राजेशभाई खिमजीभाई को दिल्ली पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। यह शख्स गुजरात के राजकोट का रहने वाला है और इसे ‘सीरियल अपराधी’ बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। रेखा गुप्ता ने इस हमले को ‘कायराना साजिश’ करार दिया, लेकिन कहा कि वे जनता की सेवा में डटकर काम करती रहेंगी। आइए, इस घटना की पूरी कहानी जानते हैं।
जन सुनवाई के दौरान हमला
20 अगस्त 2025 को सुबह करीब 8:15 बजे, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सिविल लाइन्स स्थित कैंप ऑफिस में जन सुनवाई कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुन रही थीं। इसी दौरान साकरिया राजेशभाई खिमजीभाई ने उन पर हमला कर दिया। दिल्ली पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और सिविल लाइन्स थाने में पूछताछ शुरू की। पुलिस ने इस मामले में भारतीया न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), धारा 132 (सार्वजनिक सेवक पर हमला), और धारा 221 (सार्वजनिक सेवक के काम में बाधा) के तहत FIR दर्ज की है।
‘सीरियल अपराधी’ का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, साकरिया राजेशभाई खिमजीभाई राजकोट में कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ गुजरात के भक्तिनगर थाने में कुल पांच केस दर्ज हैं, जिनमें से चार में उसे बरी कर दिया गया, जबकि एक मामला अभी कोर्ट में लंबित है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में शामिल हैं:
- 2017: भक्तिनगर थाने में IPC की धारा 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट), 504 (शांति भंग करने के लिए अपमान), और 114 (अपराध में सहायता) के तहत केस दर्ज। नवंबर 2019 में राजकोट कोर्ट ने बरी किया।
- गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट: चार बार अवैध शराब की बिक्री, खरीद, और कब्जे से संबंधित धाराओं (65AA, 116B, 6PI) के तहत केस दर्ज। इनमें से दो केस में नवंबर और अक्टूबर 2023 में बरी हुआ, एक केस का अगला सुनवाई 29 सितंबर 2025 को है।
- 2024: IPC की धारा 324 (खतरनाक हथियार से चोट), 323 (स्वेच्छा से चोट), 504, 114 और गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट की धारा 135(1) के तहत केस। दिसंबर 2024 में राजकोट कोर्ट ने बरी किया।
हमले की साजिश का शक
दिल्ली पुलिस और मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ‘ सुनियोजित साजिश’ बताया। CCTV फुटेज से पता चला कि साकरिया ने हमले से 24 घंटे पहले मुख्यमंत्री के शालीमार बाग स्थित आवास और कैंप ऑफिस की रेकी की थी। वह दो दिन पहले राजकोट से ट्रेन से दिल्ली आया और सिविल लाइन्स के गुजराती भवन में रुका था। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया, जिसमें जन सुनवाई की पिछली रिकॉर्डिंग्स मिली हैं। जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी शामिल है।
रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया
हमले के बाद रेखा गुप्ता ने X पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “आज सुबह जन सुनवाई के दौरान मुझ पर हुआ हमला सिर्फ मुझ पर नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा और कल्याण के हमारे संकल्प पर कायराना हमला था। मैं इस हमले से शुरू में सदमे में थी, लेकिन अब बेहतर महसूस कर रही हूं। मेरे शुभचिंतकों से अनुरोध है कि वे मिलने का कष्ट न करें। मैं जल्द ही आपके बीच फिर से काम करती नजर आऊंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे हमले मेरे हौसले या जनता की सेवा के मेरे संकल्प को कभी नहीं तोड़ सकते। अब मैं पहले से भी ज्यादा ऊर्जा और समर्पण के साथ आपके बीच रहूंगी। जन सुनवाई और लोगों की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता से जारी रहेगा। आपका भरोसा और समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”
साकरिया की मां का दावा
साकरिया की मां भानुबेन ने दावा किया कि उनका बेटा किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जानवरों, खासकर कुत्तों, गायों और पक्षियों से बहुत प्यार करता है। वह सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने के हालिया आदेश से नाराज था और इसके खिलाफ प्रदर्शन के लिए दिल्ली आया था।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
रेखा गुप्ता को वर्तमान में ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। इस हमले के बाद गृह मंत्रालय उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर सकता है। पुलिस इस मामले को हर कोण से जांच रही है और साकरिया की 5-7 दिन की रिमांड मांगने की तैयारी में है।
