9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्ष ने कमर कस ली है। विपक्षी सांसदों को वोटिंग की प्रक्रिया समझाने के लिए खास तैयारी की जा रही है। संसद भवन में एक ‘मॉक पोल’ यानी प्रैक्टिस वोटिंग का आयोजन होगा, ताकि मतदान के दिन कोई चूक न हो। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों के लिए डिनर का प्लान बनाया था, लेकिन देश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे रद्द कर दिया गया है।
विपक्ष की खास रणनीति
9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्ष कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। सोमवार को दोपहर 2:30 बजे संसद भवन के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में मॉक पोल होगा। इस प्रैक्टिस वोटिंग का मकसद है कि सांसदों को वोटिंग प्रक्रिया अच्छे से समझ आ जाए और असल मतदान के दिन कोई गलती न हो।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों को एकजुट करने के लिए सोमवार शाम को डिनर का आयोजन किया था, लेकिन देश में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए इसे कैंसिल कर दिया गया। इस बार का चुनाव एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है।
कौन संभालेगा चुनाव की कमान
राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर हैं। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को मतदान संसद भवन के कक्ष F-101, वसुंधा में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वोटिंग खत्म होने के बाद उसी दिन शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और नतीजे तुरंत घोषित कर दिए जाएंगे।
कौन डालेगा वोट
उपराष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य वोट डालते हैं। राज्यसभा के नामित सदस्य भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। कुल 788 सदस्यों को वोट डालना चाहिए, लेकिन इस बार 781 सदस्य ही मतदान करेंगे।
कौन हैं उम्मीदवार
एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन बीजेपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मौजूदा राज्यपाल हैं। दूसरी तरफ, विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज हैं। उन्होंने सलवा जुडूम को असंवैधानिक घोषित करने और काले धन की जांच के लिए SIT गठन जैसे ऐतिहासिक फैसले दिए हैं।
