पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना का दो दिवसीय युद्धाभ्यास शुरू, जोधपुर में ड्रोन पर पूरी तरह पाबंदी। रक्षा मंत्रालय ने रात में नागरिक उड़ानों पर लगाई रोक। जानिए क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला!
पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुसेना का दो दिन का युद्धाभ्यास शुरू हो गया है। इस मेगा एक्सरसाइज को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में रात के समय नागरिक उड़ानों पर रोक लगा दी है। साथ ही, जोधपुर में ड्रोन उड़ाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इस युद्धाभ्यास का मकसद वायुसेना की युद्धकुशलता और ऑपरेशनल रेडीनेस को परखना है। सुरक्षा कारणों से जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने ड्रोन पर सख्त पाबंदी का आदेश जारी किया है।
कहां और क्यों हो रहा युद्धाभ्यास?
यह युद्धाभ्यास राजस्थान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में 1 से 2 सितंबर तक होगा। इस दौरान वायुसेना अपनी रात्रिकालीन युद्ध क्षमता का परीक्षण करेगी। जोधपुर से फाइटर जेट उड़ान भरेंगे, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस अभ्यास का उद्देश्य न सिर्फ वायुसेना की ताकत को परखना है, बल्कि पश्चिमी सीमा पर किसी भी खतरे से निपटने की तैयारी को मजबूत करना भी है।
सुरक्षा के लिए सख्त कदम
जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने सुरक्षा कारणों से शहर में ड्रोन उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश आगामी निर्देशों तक लागू रहेगा। आदेश के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में ड्रोन या किसी अन्य उड़ने वाली वस्तु का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सैन्य अधिकारियों ने आम लोगों से इस दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और अनावश्यक गतिविधियों से बचने की अपील की है। माना जा रहा है कि जोधपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आगामी दौरे को देखते हुए भी यह सख्ती बरती गई है।
रक्षा मंत्रालय का नॉटम
रक्षा मंत्रालय ने युद्धाभ्यास के लिए नॉटम (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया है, जिसके तहत रात के समय सभी नागरिक उड़ानों पर रोक लगाई गई है। यह कदम सुरक्षा चूक से बचने और युद्धाभ्यास को सुचारू रूप से चलाने के लिए उठाया गया है। वायुसेना का यह अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और सैनिकों की युद्धकुशलता बढ़ाने का एक बड़ा कदम है।