जब डॉजकॉइन (DOGE) और शीबा इनु (SHIB) जैसे मीम कॉइन्स पागलों की तरह उछलने लगते हैं और इथेरियम (ETH) की डिमांड बिटकॉइन (BTC) को पीछे छोड़ देती है, तो समझ जाइए—ऑल्टकॉइन सीजन की धमाकेदार शुरुआत हो चुकी है!
तो सवाल ये है कि अपना क्रिप्टो पोर्टफोलियो कैसे बनाएं, ताकि ऑल्टकॉइन सीजन में सेफ रहें और अच्छा पैसा कमा सकें।आप क्रिकेट मैच देखने गए हैं। Rohit sharma धड़ाधड़ रन बना रहे हैं। पूरा स्टेडियम Rohit sharma चिल्ला रहा है। लेकिन बाकी खिलाड़ियों के नाम तक किसी को याद नहीं आते। क्रिप्टो मार्केट में भी कुछ ऐसा ही होता है। जब बिटकॉइन चलता है, तो सब उसी का नाम जपते हैं। लेकिन एक वक्त आता है, जब छोटे-छोटे प्लेयर्स, जिन्हें हम ऑल्टकॉइन्स कहते हैं, अचानक धमाका करते हैं और 10x, 20x या 50x रिटर्न दे देते हैं। लोग हैरान होकर पूछते हैं, ये कब हुआ? इस साल 100 में से 57 ऑल्टकॉइन्स ने बिटकॉइन के रिटर्न को पीछे छोड़ दिया है। अब सवाल उठता है कि ऑल्टकॉइन्स को कैसे पहचानें? इसका सीजन कब आता है? कैसे पता चले कि ये शुरू होने वाला है? इसके साइन कैसे पकड़ें? कौन से कॉइन चुनें? कौन से छोड़ें? कब क्या खरीदें? क्या गलतियां न करें? मतलब, इस सीजन में फायदा कैसे उठाएं, बिना फंसे और पैसा गंवाए। आज का ये आर्टिकल इसी पर है।
तो पहले बेसिक सवाल से शुरू करते हैं कि ऑल्टकॉइन सीजन क्या है? ऑल्टकॉइन का मतलब है अल्टरनेटिव कॉइन्स। कोई भी क्रिप्टो जो बिटकॉइन नहीं है, वो ऑल्टकॉइन है। क्रिप्टो मार्केट में 10,000 से ज्यादा कॉइन्स हैं। बिटकॉइन अकेले 50% से ज्यादा मार्केट कैप होल्ड करता है। बाकी सब मिलाकर ऑल्टकॉइन्स कहलाते हैं। जैसे इथेरियम, सोलाना, XRP, कार्डानो, DOGE या SHIB – ये सब ऑल्टकॉइन्स हैं। अब ऑल्टकॉइन सीजन वो समय है जब बिटकॉइन को छोड़कर दूसरे कॉइन्स बिटकॉइन से ज्यादा तेज भागते हैं। वे ज्यादा आउटपरफॉर्म करते हैं। आपके पोर्टफोलियो में जैसे होली, दिवाली, दशहरा, क्रिसमस और ईद सब एक साथ आ जाते हैं। सिंपल शब्दों में, अगर बिटकॉइन 10% बढ़ता है, तो ऑल्टकॉइन्स 40% बढ़ जाते हैं। या अगर बिटकॉइन गिरता है, लेकिन ऑल्टकॉइन्स कम गिरते हैं या स्टेबल रहते हैं, तो वो भी ऑल्टकॉइन सीजन है। आसान भाषा में कहें, तो क्रिप्टो मार्केट एक फिल्म है, जहां मेन हीरो बिटकॉइन है – शाहरुख खान की तरह। वो पहले स्टेज पर आता है, क्राउड को एक्साइट करता है। लेकिन जब वो थक जाता है और ब्रेक लेता है, तो बाकी एक्टर्स जैसे इथेरियम, सोलाना, डॉजकॉइन स्टेज पर चढ़ते हैं और धमाका मचाते हैं।
उदाहरण देखिए, 2013 से 2016 के बीच ऑल्टकॉइन्स के कंबाइंड इंडेक्स ने 2000% रिटर्न दिया, जबकि बिटकॉइन ने सिर्फ 470%। हालांकि, 470% भी 3 साल में कमाल का रिटर्न है, जो स्टॉक मार्केट में मिलना मुश्किल है। 2021 के ऑल्टकॉइन सीजन में फरवरी से मई तक लार्ज कैप ऑल्टकॉइन्स ने 174% रिटर्न दिए, जबकि बिटकॉइन सिर्फ 2% बढ़ा। डॉजकॉइन तो 6000% ऊपर चला गया। ये वो मौसम है जब छोटे कॉइन्स रातोंरात सुपरस्टार बनते हैं और इन्वेस्टर्स को भी बनाते हैं। अब सवाल कि ये सीजन कब आता है? क्यों आता है? ऑल्टकॉइन सीजन अचानक नहीं आता। इसके पीछे मार्केट साइकोलॉजी और लिक्विडिटी शिफ्ट का खेल है। बिटकॉइन ऊपर चढ़ता रहता है, तो फोकस उसी पर रहता है। लेकिन जैसे ही वो स्टेबलाइज होता है या ऊपर-नीचे होने लगता है, इन्वेस्टर्स सोचते हैं कि अब कुछ और ट्राई करें। वे बिटकॉइन से प्रॉफिट बुक करके पैसा ऑल्टकॉइन्स में डालते हैं। इसे प्रॉफिट रोटेशन कहते हैं। ट्विटर, टेलीग्राम, यूट्यूब पर हाइप मच जाता है। लोग FOMO में कूद पड़ते हैं।
अब कैसे पता करें कि सीजन शुरू होने वाला है? इसके लिए सॉलिड इंडिकेटर्स हैं। पहला है बिटकॉइन डोमिनेंस चार्ट। ये बताता है कि क्रिप्टो मार्केट कैप में बिटकॉइन का कितना शेयर है। नॉर्मली 50-55% रहता है। लेकिन जब ये गिरकर 40% के आसपास पहुंचता है, तो मतलब पैसा ऑल्टकॉइन्स की तरफ जा रहा है। 2021 में ये 70% से 38% तक गिरा था। अभी अगस्त 2025 में कॉइन मार्केट कैप के मुताबिक 57.8% है, मतलब ऑल्टकॉइन सीजन अभी दूर है। ट्रेडिंग व्यू पर BTCD चार्ट देख सकते हैं। दूसरा इंडिकेटर इथेरियम-बिटकॉइन रेशियो। अगर ये बढ़ता है, तो इथेरियम बिटकॉइन से तेज बढ़ रहा है। अभी 0.036 के आसपास है। हिस्ट्री में हर ऑल्टकॉइन सीजन से पहले ये जंप करता है। ट्विटर पर चर्चा है कि ब्रेकआउट के साइन दिख रहे हैं, लेकिन भविष्य बताएगा। तीसरा, ऑल्टकॉइन सीजन इंडेक्स। ब्लॉकचेन सेंटर.नेट या कॉइन मार्केट कैप पर अगर 75% से ज्यादा ऑल्टकॉइन्स 90 दिनों तक बिटकॉइन को आउटपरफॉर्म करें, तो सीजन डिक्लेयर हो जाता है। फिलहाल इंडेक्स 40 है। चौथा, मार्केट सेंटीमेंट और गूगल ट्रेंड्स। जब सोशल मीडिया पर ऑल्टकॉइन्स ट्रेंड करने लगें, तो समझिए सीजन दरवाजे पर है। लेकिन मैनिपुलेशन हो सकता है, तो शक की नजर रखें। पांचवा, बिटकॉइन हल्विंग। अप्रैल 2024 में हुई थी। पास्ट पैटर्न से 18 महीने में सीजन शुरू होता है, तो अक्टूबर 2025 में संभव है।
अब फेजेस समझिए। ऑल्टकॉइन सीजन क्रिकेट मैच जैसा है। पहला फेज बिटकॉइन रैली – बिटकॉइन या ETF में इन्वेस्ट करें, थोड़ा इथेरियम-सोलाना में। CoinDCX जैसे प्लेटफॉर्म पर कम ब्रोकरेज के लिए डिस्क्रिप्शन लिंक से साइन अप करें। दूसरा फेज अर्ली ऑल्टकॉइन – लार्ज कैप जैसे इथेरियम, BNB, सोलाना पर फोकस। तीसरा फुल ऑल्टकॉइन सीजन – स्मॉल कैप और मीम कॉइन्स, लेकिन मजबूत यूज केस वाले चुनें, स्कैम से बचें। चौथा पोस्ट सीजन – प्रॉफिट बुक करें, स्टेबल कॉइन्स में शिफ्ट। अब मिस्टेक्स: FOMO में कूदना, रिसर्च न करना, नो एग्जिट प्लान, स्टॉप लॉस न लगाना, ऑल इन वन कॉइन। खतरे में पंप एंड डंप सबसे बड़ा, जैसे स्क्विड गेम टोकन का केस। स्ट्रांग फंडामेंटल्स वाले चुनें।
