भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) को जुलाई 2025 में भारी नुकसान हुआ है। कंपनी के निवेश पोर्टफोलियो की वैल्यू सिर्फ एक महीने में ₹46,000 करोड़ घटकर 15.64 लाख करोड़ रह गई। यह गिरावट मुख्य रूप से शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के कारण हुई, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), TCS, Infosys और L&T जैसे बड़े स्टॉक्स ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाया।
LIC के नुकसान का विस्तृत विश्लेषण
1. किन कंपनियों ने LIC को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाया?
LIC के पोर्टफोलियो में 322 कंपनियों के शेयर शामिल हैं, लेकिन निम्नलिखित कंपनियों ने सबसे अधिक गिरावट दर्ज की:
| कंपनी | जुलाई में गिरावट | LIC को नुकसान (करोड़ ₹) |
| Reliance (RIL) | 7.2% | 1,180 |
| TCS | 9.1% | 6,450 |
| Infosys | 8.5% | 4,920 |
| L&T | 6.8% | 4,212 |
| Bharti Airtel | 5.3% | 1,764 |
| ITC | 4.7% | 1,362 |
- RIL और आईटी सेक्टर (TCS, Infosys, HCL, Tech Mahindra) ने मिलकर ₹15,321 करोड़ का नुकसान पहुँचाया।
- L&T और भारती एयरटेल ने भी बड़ी गिरावट दिखाई।
2. LIC को कहाँ से मिली राहत?
कुछ कंपनियों ने LIC के पोर्टफोलियो को सपोर्ट भी दिया:
| कंपनी | जुलाई में वृद्धि | LIC को लाभ (करोड़ ₹) |
| Hindustan Unilever (HUL) | 3.5% | 1,821 |
| ICICI Bank | 2.1% | 157 |
| SBI | 1.8% | 133 |
| Mahindra & Mahindra | 2.4% | 760 (कुल) |
हालाँकि, यह लाभ नुकसान की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
बाजार में गिरावट के 4 प्रमुख कारण
- FIIs की भारी बिकवाली
- विदेशी निवेशकों (FIIs) ने जुलाई में ₹20,263 करोड़ के शेयर बेचे।
- अमेरिकी फर्म जेन स्ट्रीट से जुड़े मामले ने निवेशकों का भरोसा कम किया।
- अमेरिका-भारत ट्रेड डील में अनिश्चितता
- 1 अगस्त से अमेरिका ने नए टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिससे भारतीय निर्यात प्रभावित हो सकता है।
- आईटी और फार्मा सेक्टर पर दबाव
- अमेरिकी बाजार में मंदी के संकेतों ने TCS, Infosys जैसी कंपनियों के शेयर गिराए।
- घरेलू निवेशकों (DIIs) का सहारा पर्याप्त नहीं
- DIIs ने ₹39,826 करोड़ का निवेश किया, लेकिन FIIs की बिकवाली के आगे यह कम पड़ा।
आगे क्या होगा? विशेषज्ञों की राय
- शॉर्ट टर्म में 2-3% और गिरावट संभव, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव अगस्त में दिखेगा।
- कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे रहे तो Nifty में 5-7% की बढ़त हो सकती है।
- LIC और अन्य निवेशकों के लिए धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
LIC और निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी
LIC का यह नुकसान अस्थायी माना जा रहा है, लेकिन बाजार की अस्थिरता जारी रह सकती है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने और गुणवत्ता वाले स्टॉक्स में निवेश जारी रखने की सलाह दी जाती है।
