वाणी, एक खूबसूरत और संवेदनशील लड़की, कोर्ट में अपने बॉयफ्रेंड महेश अय्यर का इंतजार कर रही थी। आज उनकी शादी होने वाली थी। वह आसपास के प्रेमी जोड़ों को सात जन्मों की कसमें खाते देख रही थी, और उसी खुशी को अपने जीवन में महसूस करना चाहती थी। अपनी डायरी में वह कुछ पंक्तियाँ लिख रही थी, जब अचानक महेश का फोन आता है। उसे जीवन का सबसे बड़ा झटका लगता है—महेश उसे छोड़कर जा रहा था, क्योंकि उसे एक अमीर लड़की मिल गई थी, जिसके कारण उसे प्रमोशन भी मिल चुका था। वाणी टूट जाती है। बाहर उसका परिवार शादी की तैयारियों में खड़ा था, लेकिन वह बेहोश होकर गिर पड़ती है। उसकी माँ उसे संभालती है।
छह महीने बाद
छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन वाणी अपने अतीत को भूल नहीं पाई। हर दिन वह महेश को याद करती है। उसकी माँ उसे समझाती है कि जिंदगी में आगे बढ़ना जरूरी है। वाणी अपने पिता के साथ एक न्यूज़ एजेंसी में इंटरव्यू के लिए जाती है, जो सेलिब्रिटी गॉसिप और इंटरव्यूज छापती है। रास्ते में वह उदास थी, तभी उसे बाइक पर एक बिंदास लड़का दिखता है—ऋषि कपूर, जो बिना हेलमेट के सिगरेट पीते हुए बाइक भगा रहा था। उसकी यह बेपरवाही वाणी को आकर्षित करती है।
पहली मुलाकात
न्यूज़ एजेंसी में वाणी का इंटरव्यू होता है, और उसे एक मशहूर सेलिब्रिटी, प्रिंस, का इंटरव्यू लेने का टास्क मिलता है। ऑफिस से निकलते वक्त उसकी मुलाकात ऋषि से होती है, जो उसकी भूली हुई डायरी लौटाता है। वाणी उसे धन्यवाद देती है। तभी ऋषि न्यूज़ एडिटर को पीटने लगता है, क्योंकि वह फर्जी खबरें छाप रहा था। वाणी हैरान थी कि यह लड़का बिना डर-फिक्र के इतना बिंदास कैसे है। जाते वक्त ऋषि कहता है, “तुम बहुत अच्छा लिखती हो।” वाणी उसे देखकर खो सी जाती है।

Saiyaara मूवी :वाणी और ऋषि की प्रेम कहानी: प्यार, दर्द और यादों का सफर
ऋषि का परिचय
ऋषि एक प्रतिभाशाली गायक है, जो रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। वह अपने दोस्तों के साथ झगड़ा करता है, क्योंकि उसके एक दोस्त ने उसके गाने के राइट्स चुरा लिए। एक इवेंट में वह वाणी की डायरी से लिखा गाना गाता है, जो सभी को झुमा देता है। दूसरी ओर, वाणी अपने अतीत को याद कर रो रही थी।
दोस्ती और सहयोग
ऋषि का दोस्त किवी उसे हिप-हॉप स्टार प्रिंस के लिए गाना बनाने का मौका दिलाता है। प्रिंस के मैनेजर विनीत के साथ डील होती है, जिसमें ऋषि को अच्छे पैसे और फीचरिंग का मौका मिलेगा। उसी इवेंट में वाणी प्रिंस का इंटरव्यू लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन विनीत उसे तवज्जो नहीं देता। ऋषि वाणी को अकेला देखकर उसकी डायरी का गाना गाता है, जो प्रिंस को पसंद आता है। गाना अधूरा था, और उसे पूरा केवल वाणी ही कर सकती थी। दोनों मिलकर काम करने का फैसला करते हैं। वाणी की शर्तें थीं—वह 8:30 बजे के बाद काम नहीं करेगी और स्मोकिंग से उसे परेशानी है। ऋषि मान लेता है।
गाना और प्यार की शुरुआत
वाणी गाने की लाइनें भूल चुकी थी, क्योंकि उसने पेज फाड़ दिया था। ऋषि उसे अपने पसंदीदा कॉलेज प्लेग्राउंड ले जाता है, जहां वह क्रिकेट खेलकर गुस्सा निकालता है। वह वाणी को अपने रॉकस्टार बनने के सपने बताता है। वाणी को उसमें एक स्टार दिखता है, और वह गाना लिखना शुरू करती है। 8:30 होने पर ऋषि उसे बाइक से घर छोड़ता है, और वाणी को उसका साथ पसंद आने लगता है। धीरे-धीरे दोनों साथ घूमते हैं, गाना पूरा करते हैं, और वाणी अपने अतीत को भूलने लगती है।
गाने में रैप की मांग
प्रिंस को गाना पसंद आता है, लेकिन विनीत कहता है कि इसमें रैप की कमी है। बिना रैप के प्रिंस गाना नहीं गाएगा। ऋषि को यह बुरा लगता है, लेकिन पैसे की जरूरत के कारण वह रैप जोड़ने को तैयार हो जाता है। वाणी इससे नाराज हो जाती है, और दोनों में बहस होती है। तभी पुलिस ऋषि के पिता को पकड़कर लाती है, जो शराब के नशे में सड़कों पर घूम रहे थे।
ऋषि का दर्द
ऋषि के पिता उसकी माँ की मृत्यु के बाद शराबी हो गए हैं। पुलिस की चेतावनी के बावजूद वह सुधरते नहीं। ऋषि उनसे परेशान होकर कहता है, “जा, मर जा, तेरे मरने से किसी को फर्क नहीं पड़ता।” वाणी यह सब देखकर रो पड़ती है। बाद में वह ऋषि के पसंदीदा प्लेग्राउंड पर जाती है और उसे रैप लिखकर देती है। वह अपने अतीत के बारे में बताती है—महेश ने उसे शादी के दिन छोड़ दिया और उसकी लेखन की ताकत छीन ली। ऋषि ने उसे फिर से लिखने की प्रेरणा दी। वह कहती है, “मैं तुम्हें खुश देखना चाहती हूँ।” ऋषि उससे मदद माँगता है।
पिता का रिहैब
ऋषि अपने पिता को रिहैब सेंटर ले जाता है, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण वह विनीत से पैसे माँगता है। विनीत शर्त रखता है कि गाने पर ऋषि का कोई राइट नहीं होगा। ऋषि मान लेता है। गाना पूरा होता है, और वाणी का आखिरी दिन ऋषि के साथ होता है। वह कहता है, “मुझसे दूर रहो, मेरे साथ खुशियाँ नहीं टिकतीं।” वाणी उदास होकर घर लौटती है।
प्यार का इजहार
कॉन्सर्ट में प्रिंस ऋषि का गाना गाता है, और ऋषि गुस्से में होता है। वाणी उसे ढूँढते हुए वहाँ पहुँचती है। दोनों एक-दूसरे के करीब आते हैं और किस करते हैं। ऋषि अपने दोस्तों से माफी माँगता है, और वाणी के लिखे गाने को YouTube पर अपलोड करता है, जो वायरल हो जाता है।
परिवार का विरोध
वाणी के माता-पिता ऋषि को सिगरेट पीते देखकर उसे आवारा समझते हैं। उसकी माँ उसे अतीत की याद दिलाती है, और वाणी बेहोश हो जाती है। हॉस्पिटल में डॉक्टर सुझाव देते हैं कि उसे न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाया जाए।
वाणी की बीमारी
न्यूरोलॉजिस्ट से पता चलता है कि वाणी को अल्जाइमर है, जिसके कारण वह धीरे-धीरे सब भूल जाएगी। वह यह बात किसी को नहीं बताती। ऋषि उसे अपनी सफलता की खुशी बताता है, लेकिन वाणी चुप रहती है। वह उसे दुखी नहीं करना चाहती।
अतीत का सामना
वाणी की ऑफिस पार्टी में उसकी मुलाकात महेश से होती है, जो उसकी कंपनी का पार्टनर है। वह उसे छूने की कोशिश करता है, लेकिन वाणी उसे धक्का देती है। महेश उसे जलील करवाकर बाहर निकलवाता है। गार्ड ऋषि को फोन पर सारी बात बताता है। ऋषि सब छोड़कर वापस आता है और वाणी की बीमारी के बारे में जान जाता है।
इमोशनल मोमेंट
वाणी क्रिकेट ग्राउंड पर होती है, जहाँ ऋषि उसे ढूँढता है। वह कहती है, “मैं तुम्हें भूल जाऊँगी।” ऋषि जवाब देता है, “मैं हर याद तुम्हें बार-बार दिलाऊँगा। हम नई यादें बनाएँगे।” दोनों गले लगते हैं।
गोवा का सफर
डॉक्टर के सुझाव पर ऋषि वाणी को गोवा ले जाता है। दोनों खुशी के पल बिताते हैं। एक कॉन्सर्ट में वाणी की याददाश्त फिर चली जाती है। महेश उसका फायदा उठाने की कोशिश करता है, लेकिन ऋषि उसे पीट देता है। तभी वाणी चाकू लेकर ऋषि पर चिल्लाती है, “महेश को छोड़, तू कौन है?” वह महेश को अपना प्रेमी समझ रही थी। ऋषि टूट जाता है, लेकिन वाणी को अपनी बाहों में ले लेता है।
वाणी का गायब होना
वाणी बेहोश हो जाती है। होश आने पर वह महेश को “आई लव यू” कहती है। ऋषि समझ जाता है कि वह सब भूल चुकी है। थोड़ी देर बाद वाणी गायब हो जाती है। ऋषि उसे हर जगह ढूँढता है, लेकिन वह नहीं मिलती। पुलिस भी उसकी तलाश में लग जाती है।
डायरी और गाना
ऋषि क्रिकेट ग्राउंड पर लौटता है, जहाँ उसे वाणी की डायरी मिलती है। उसमें वाणी ने उसके लिए एक गाना लिखा था। ऋषि अपने दोस्तों से कहता है कि यह गाना हर जगह बजना चाहिए, ताकि वाणी मिल जाए।
एक साल बाद
ऋषि एक बड़ा रॉकस्टार बन चुका है, लेकिन वह अधूरा है। एक रील में वह वाणी की आँखें देखता है और उस जगह पहुँचता है। एक रिहैब सेंटर में नर्स उसे वाणी का पत्र देती है। पत्र में वाणी लिखती है कि वह नहीं चाहती थी कि ऋषि उसे ढूँढे, क्योंकि उसकी बीमारी उसे तकलीफ देगी। वह कहती है, “तुम्हारा गाना मुझे तुम्हारे करीब खींच लाता है।”
अंतिम मुलाकात
ऋषि वाणी से मिलता है, जो सब भूल चुकी है। वह उससे कहता है कि वह एक म्यूजिशियन है और उसे गाना लिखने के लिए इंस्पिरेशन चाहिए। वह उसे पहाड़ों में ले जाता है, जहाँ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। ऋषि वही बातें दोहराता है जो उसने पहली मुलाकात में कही थीं। धीरे-धीरे वाणी को सब याद आता है। वह चिल्लाती है, “ऋषि, आई लव यू फॉरएवर!” दोनों गले लगते हैं, और कहानी एक इमोशनल नोट पर खत्म होती है।
वाणी और ऋषि की कहानी प्यार, दर्द, और बलिदान की कहानी है। अल्जाइमर जैसी बीमारी के बावजूद, ऋषि का प्यार वाणी को बार-बार उसके पास खींच लाता है। यह कहानी सिखाती है कि सच्चा प्यार हर मुश्किल को पार कर सकता है।
