ब्राजील ने क्यों रोकी आकाश मिसाइल की बातचीत
पिछले कुछ समय से भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग को लेकर चर्चा जोरों पर थी। खासकर भारत की स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली को लेकर ब्राजील ने गहरी रुचि दिखाई थी। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल प्रणाली ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर अपनी ताकत साबित की थी। लेकिन छह दिन पहले, यानी 9 जुलाई 2025 को, ब्राजील ने भारत के साथ आकाश-1S मिसाइल की खरीद को लेकर चल रही बातचीत को अचानक रोक दिया। ब्राजील के विशेषज्ञों का कहना था कि आकाश-1S मिसाइल का वेरिएंट पुराना है, जिसमें एक्टिव रडार सीकर की कमी है और इसकी रेंज केवल 25-30 किलोमीटर है। इसके बजाय, ब्राजील ने इटली की एन्हांस्ड मॉड्यूलर एयर डिफेंस सॉल्यूशन (EMADS) मिसाइल प्रणाली पर ध्यान केंद्रित किया, जिसकी रेंज 45 किलोमीटर है और इसमें एक्टिव रडार सीकर, वर्टिकल लॉन्च क्षमता, और 360° कवरेज जैसी विशेषताएं हैं। यह भारत के रक्षा निर्यात और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि यह सौदा लगभग 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8500 करोड़ रुपये) का था।
टर्की का मॉक और हिसार मिसाइल का ऑफर
ब्राजील के इस फैसले के बाद टर्की ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की। टर्की के प्रो-गवर्नमेंट मीडिया आउटलेट्स, जैसे TRHaber, ने भारत की आकाश मिसाइल प्रणाली की आलोचना शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि आकाश मिसाइल आर्मेनिया में प्रभावी नहीं रही और ब्राजील ने भी इसे खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं, टर्की ने यह भी कहा कि आकाश मिसाइल टर्की के ड्रोन (UAVs) के खिलाफ बेकार है। टर्की ने इस मौके पर ब्राजील को अपनी हिसार-ए+ और हिसार-ओ+ मिसाइल प्रणालियों का विकल्प पेश किया, साथ ही एम्ब्रेयर के KC-390 सैन्य कार्गो विमान के साथ सहयोग की पेशकश भी की। टर्की का यह रुख स्पष्ट रूप से भारत-विरोधी और प्रो-पाकिस्तान नैरेटिव को बढ़ावा देने वाला था। टर्की के इस बयान को भारतीय मीडिया ने भी कवर किया, जिसमें द वीक मैगजीन ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया।
भारत का जवाब: आकाश-एनजी मिसाइल का नया ऑफर
भारत ने टर्की की इस आलोचना और ब्राजील के फैसले को चुपचाप सहन नहीं किया। भारत ने तुरंत ब्राजील की शिकायतों को सुना और एक नया, उन्नत विकल्प पेश किया—आकाश-एनजी (नेक्स्ट जेनरेशन) मिसाइल प्रणाली। यह मिसाइल आकाश-1S की तुलना में कहीं अधिक उन्नत है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:
- रेंज: आकाश-एनजी की रेंज लगभग 40-45 किलोमीटर है, जो आकाश-1S की तुलना में तीन गुना अधिक है।
- एक्टिव रडार सीकर: इसमें अत्याधुनिक एक्टिव रडार सीकर है, जो लक्ष्य को ट्रैक करने और नष्ट करने में सक्षम है।
- तेज रिएक्शन टाइम: यह मिसाइल तेजी से प्रतिक्रिया करती है और हल्के लॉन्चर के साथ आती है।
- बहु-लक्ष्य क्षमता: यह एक साथ 10 लक्ष्यों को निशाना बना सकती है।
भारत ने इस नए ऑफर के साथ ब्राजील को साफ संदेश दिया कि वह उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है। यह कदम न केवल ब्राजील के साथ रक्षा सौदे को पुनर्जनन करने की कोशिश है, बल्कि टर्की की आलोचना का भी करारा जवाब है।
टर्की की रणनीति और भारत का रक्षा निर्यात
टर्की का भारत-विरोधी रुख और आकाश मिसाइल की आलोचना विश्लेषकों के अनुसार एक प्रो-पाकिस्तान स्टैंड का हिस्सा है। टर्की अपनी हिसार मिसाइल प्रणालियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वैश्विक रक्षा बाजार में उसकी स्थिति कमजोर है। टर्की के हथियार मुख्य रूप से पाकिस्तान और अजरबैजान जैसे देश ही खरीदते हैं, जबकि भारत के रक्षा उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत ने न केवल आर्मेनिया को आकाश मिसाइल बेची है, बल्कि फिलीपींस, वियतनाम, सऊदी अरेबिया, और मिस्र जैसे देशों के साथ भी रक्षा सौदों पर बातचीत कर रहा है।
इसके अलावा, ब्राजील ने न केवल आकाश मिसाइल में, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल, रडार सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, और यहां तक कि अंतरिक्ष सहयोग में भी रुचि दिखाई है। यह दिखाता है कि भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग की संभावनाएं अभी भी मजबूत हैं, और टर्की की आलोचना भारत के बढ़ते रक्षा प्रभाव को कम नहीं कर सकती।
निष्कर्ष: भारत की रणनीतिक जीत
ब्राजील का आकाश-1S मिसाइल सौदे से पीछे हटना भारत के लिए एक अस्थायी झटका था, लेकिन भारत ने आकाश-एनजी मिसाइल के साथ न केवल ब्राजील को एक बेहतर विकल्प दिया, बल्कि टर्की की आलोचना को भी बेनकाब कर दिया। भारत का यह कदम न केवल मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देता है, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करता है। टर्की की कोशिशें भारत को कमजोर करने की थीं, लेकिन भारत ने अपने उन्नत हथियारों और रणनीतिक दृष्टिकोण से यह साबित कर दिया कि वह वैश्विक मंच पर एक मजबूत खिलाड़ी है।