भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार नए बदलाव कर रहा है। हाल ही में तत्काल टिकट और सामान्य कोटा टिकट बुकिंग प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनसे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
1. वेटिंग लिस्ट की जानकारी अब 24 घंटे पहले
पहले ट्रेन के चार्ट तैयार होने से कुछ घंटे पहले ही वेटिंग लिस्ट की जानकारी मिलती थी, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा की तलाश करने में दिक्कत होती थी। अब रेलवे ने नियम बदलकर वेटिंग लिस्ट की जानकारी 24 घंटे पहले देने का फैसला किया है। इससे यात्रियों को पता चल जाएगा कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं, और वे समय रहते दूसरे विकल्प ढूंढ सकेंगे।
2. सामान्य कोटा टिकटों पर 25% वेटिंग लिस्ट की सीमा
अब तक सामान्य कोटा (जनरल कोटा) के तहत बुक की गई टिकटों की वेटिंग लिस्ट असीमित होती थी, जिससे कन्फर्मेशन की संभावना कम रहती थी। नए नियम के अनुसार, किसी भी कोच में उपलब्ध सीटों की संख्या के केवल 25% तक ही वेटिंग लिस्ट जारी की जाएगी।
- उदाहरण: यदि किसी SL कोच में 72 सीटें हैं, तो केवल 18 वेटिंग लिस्ट टिकट जारी होंगी।
- लाभ: इससे कन्फर्मेशन की संभावना बढ़ेगी और अनावश्यक वेटिंग लिस्ट की भीड़ कम होगी।
3. 60 दिन पहले से टिकट बुकिंग
होली, दिवाली, छठ जैसे त्योहारों के दौरान सीटों की कमी को देखते हुए रेलवे ने अग्रिम टिकट बुकिंग की अवधि बढ़ाकर 60 दिन कर दी है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह सुविधा 365 दिन (1 वर्ष) पहले तक उपलब्ध है।
4. तत्काल टिकट बुकिंग में नए नियम (1 जुलाई 2025 से)
- OTP और आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है, जिससे टिकट एजेंट्स द्वारा एक ही आईडी से अधिक बुकिंग करने पर रोक लगेगी।
- 30 मिनट पहले टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं होगी, जिससे कालाबाजारी रोकने में मदद मिलेगी।
5. वेटिंग लिस्ट वालों को स्लीपर/एसी कोच में यात्रा की अनुमति नहीं
1 मई 2025 से, यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग लिस्ट में है और वह स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करते पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे यात्रियों को केवल जनरल कोच में यात्रा करनी होगी।
ये बदलाव यात्रियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। वेटिंग लिस्ट की पारदर्शिता बढ़ने और कन्फर्मेशन की संभावना बेहतर होने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, टिकट कैंसिलेशन और कालाबाजारी पर नियंत्रण से जरूरतमंद यात्रियों को लाभ होगा।
