उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बाढ़ की तबाही के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई, जो दिल को छू लेती है। बडेपुरा धरमा गांव में गर्भवती प्रीति को प्रसव पीड़ा हुई, तो पूरा गांव और प्रशासन उनकी मदद के लिए जुट गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली और एंबुलेंस की मदद से प्रीति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गांव वालों ने बच्चे का नाम रखा ‘सैलाब सिंह’। अब इस अनोखे नाम के साथ नवजात को बधाइयां मिल रही हैं। आइए जानते हैं इस दिलचस्प कहानी को!
बाढ़ के बीच मां की जान बचाई
पीलीभीत के बडेपुरा धरमा गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। जिले के 40 गांवों में 55 हजार लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। इन्हीं गांवों में हरप्रसाद का परिवार भी है, जो पानी से घिरे अपने घर में फंसा था। गुरुवार सुबह उनकी पत्नी प्रीति को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव में चारों तरफ पानी भरा होने की वजह से अस्पताल पहुंचना मुश्किल था। परिवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी, तो जवाब मिला कि गर्भवती को किसी तरह गांव के बाहर लाना होगा।
SDM और गांव वालों का जज्बा
इस बीच, SDM नागेंद्र सिंह बाढ़ प्रभावित गांव का जायजा लेने पहुंचे। जैसे ही उन्हें प्रीति की स्थिति का पता चला, उन्होंने तुरंत ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रीति और उनके परिवार को जलमग्न इलाके से बाहर निकलवाया। तीन किलोमीटर की मुश्किल यात्रा के बाद सड़क पर पानी नहीं था, जहां एक एंबुलेंस पहले से तैयार थी। इसके बाद प्रीति को बीसलपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां दोपहर में उन्होंने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
‘सैलाब सिंह’ बना बच्चे का नाम
जैसे ही प्रीति ने बेटे को जन्म दिया, परिवार और गांव वालों में खुशी की लहर दौड़ गई। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए परिवार ने अनायास ही बच्चे का नाम ‘सैलाब सिंह’ रख दिया। यह नाम गांव में तेजी से फैल गया, और अब पूरा गांव नवजात को इसी नाम से पुकार रहा है। बच्चे के जन्म की खबर सुनकर गांव वाले और रिश्तेदार बधाइयां देने लगे। सैलाब सिंह का नाम अब इस बाढ़ग्रस्त गांव की एक प्रेरक कहानी बन गया है।
बाढ़ की तबाही का आलम
पीलीभीत में बाढ़ ने 40 गांवों को अपनी चपेट में लिया है। खेत, रास्ते और घर पानी में डूबे हैं, जिससे लोग अपने घरों में कैद हैं। ऐसे में प्रीति का सुरक्षित प्रसव और सैलाब सिंह का जन्म गांव वालों के लिए एक उम्मीद की किरण है। प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
