Retimes india
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
Reading: BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी पर फोकस
Share
Retimes indiaRetimes india
Font ResizerAa
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
  • Home
  • Education News
  • Technology
  • Uncategorized
  • India News
  • Science
  • sports
  • Stock Market News
  • Defence News
© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.
Retimes india > Blog > Uncategorized > BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी पर फोकस
Uncategorized

BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी पर फोकस

Retimes india
Last updated: June 7, 2025 6:38 pm
Retimes india
Share
BSNL's focus on nuclear energy
SHARE

भारत सरकार ने बजट 2025-26 में स्पष्ट रूप से न्यूक्लियर एनर्जी जनरेशन पर अपना फोकस रखा है। सरकार ने 2047 तक 100 गीगावॉट की न्यूक्लियर पावर क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कई नीतियाँ बनाई जा रही हैं, जिसमें पहली बार प्राइवेट कंपनियों को भी न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है।

Contents
BSNL का संकट और पुनरुत्थानBSNL के पतन के मुख्य कारण:BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी में कदम: क्या है वजह?चुनौतियाँ और आगे की राहनिष्कर्ष

इसी बीच, BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने भी एक नए लक्ष्य की घोषणा की है। कंपनी अब छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर्स (SMRs) स्थापित करने की योजना बना रही है। यहाँ सवाल उठता है कि एक टेलीकॉम कंपनी अचानक न्यूक्लियर पावर जनरेशन में क्यों दिलचस्पी ले रही है? इसका जवाब जानने से पहले BSNL के पिछले कुछ सालों के संघर्ष को समझना जरूरी है।

भारत सरकार का न्यूक्लियर एनर्जी पर फोकस और BSNL का नया लक्ष्य

BSNL का संकट और पुनरुत्थान

2004-05 के दौर में BSNL भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी थी, जब मोबाइल फोन्स नए-नए आए थे। उस समय अधिकतर लोगों के पास BSNL या भारती एयरटेल के कनेक्शन हुआ करते थे। सरकारी कर्मचारियों के लिए तो BSNL पहली पसंद थी। लेकिन, प्राइवेट कंपनियों (जैसे वोडाफोन, आइडिया और बाद में जियो) के आने के बाद BSNL प्रतिस्पर्धा में पिछड़ गया।

BSNL के पतन के मुख्य कारण:

  1. ग्राहक आधार में कमी: नए मार्केट प्लेयर्स ने बेहतर सर्विस और सस्ते प्लान्स ऑफर किए, जिससे BSNL का ग्राहक आधार घटा।
  2. ब्यूरोक्रेटिक देरी: सरकारी कंपनी होने के कारण निर्णय लेने में देरी हुई और तकनीकी अपग्रेड नहीं हो पाया।
  3. उच्च कर्मचारी लागत: BSNL पर सरकारी कर्मचारियों का बोझ था, जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ गया।

2016 में जियो के आने के बाद तो BSNL का मार्केट शेयर घटकर 10% तक रह गया। 2009 के बाद से कंपनी लगातार घाटे में चल रही थी। सरकार ने इसे बचाने के लिए रेस्क्यू पैकेज दिया, जिसमें:

टैक्स ड्यूटी को इक्विटी में बदला गया।

वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) लागू की गई।

4G स्पेक्ट्रम आवंटित किया गया।

इन प्रयासों के बाद, 17 साल बाद BSNL ने 2023-24 में 280 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।

BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी में कदम: क्या है वजह?

अब BSNL ने भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) प्रोग्राम में हिस्सा लेने का प्रस्ताव दिया है। इसकी मुख्य वजहें हैं:

1. अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना

BSNL के पास देशभर में हजारों टावर हैं, जिन्हें चलाने के लिए निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है। अक्सर बिजली कटौती की वजह से सर्विस प्रभावित होती है। SMRs लगाकर वह अपनी पावर सप्लाई को स्थिर कर सकता है।

2. ऊर्जा लागत में बचत

न्यूक्लियर एनर्जी शुरुआत में महंगी होती है, लेकिन लंबे समय में यह किफायती साबित होती है। BSNL पहले ही एनर्जी सेविंग के जरिए 613 करोड़ रुपये बचा चुका है।

3. डाइवर्सिफिकेशन की रणनीति

BSNL पहले से ही टेलीकॉम के अलावा डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और वीपीएन सर्विसेज में विस्तार कर रहा है। न्यूक्लियर एनर्जी में कदम रखकर वह अपने रेवेन्यू स्रोतों को और बढ़ाना चाहता है।

4. सरकारी नीति का समर्थन

भारत सरकार ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) के माध्यम से प्राइवेट कंपनियों को SMRs स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। NPCIL ने 220 मेगावॉट के छोटे रिएक्टर्स के लिए प्रस्ताव मांगे हैं, जिसमें BSNL ने भी रुचि दिखाई है।

भारत SMR प्रोग्राम: क्या है योजना?

लक्ष्य: 220 मेगावॉट के छोटे रिएक्टर्स बनाना, जो पारंपरिक बड़े रिएक्टर्स से कम समय और लागत में तैयार हो सकें।

समयसीमा: एक बार स्वीकृत होने पर, इन्हें 5-6 साल में बनाया जा सकता है।

उपयोग: ये रिएक्टर्स सिर्फ कंपनियों की अपनी बिजली जरूरतों के लिए होंगे, कमर्शियल बिक्री के लिए नहीं।

इस प्रोग्राम में टाटा, रिलायंस और भारतीय रेलवे जैसी कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है।

चुनौतियाँ और आगे की राह

संरचनात्मक सुधार: BSNL को अभी भी अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली सुधारने की जरूरत है।

प्रतिस्पर्धा: जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए नए इनोवेशन्स लाने होंगे।

सरकारी सहयोग: न्यूक्लियर एनर्जी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी फंडिंग और तकनीकी सहायता जरूरी होगी।

निष्कर्ष

BSNL का न्यूक्लियर एनर्जी में कदम रखना एक साहसिक और रणनीतिक फैसला है। अगर यह योजना सफल होती है, तो BSNL न केवल अपनी ऊर्जा लागत कम कर पाएगा, बल्कि भविष्य में एक स्थिर और विविधिकृत व्यवसाय मॉडल भी बना पाएगा। हालाँकि, इसके लिए कंपनी को अपने संरचनात्मक सुधारों पर भी ध्यान देना होगा।

Subscribe to Our Newsletter
Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Uttar Pradesh created a world record on Ganga Expressway, know how the PPP model changed the picture of infrastructure उत्तर प्रदेश ने गंगा एक्सप्रेसवे पर बनाया विश्व रिकॉर्ड, जानिए कैसे PPP मॉडल ने बदली इंफ्रास्ट्रक्चर की तस्वीर
Next Article India's debt will reach 82% of GDP in 2025 भारत का कर्ज 2025 में जीडीपी का 82% हुआ
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Headlines

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की मदद के लिए भारत सरकार की कार्रवाई

तेहरान। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच 10,000 से अधिक भारतीय नागरिक, जिनमें 2,500…

2 Min Read

ट्रंप के टैरिफ से 25 साल की भारत-अमेरिका दोस्ती पर खतरा! पूर्व राजनयिकों ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से भारत और अमेरिका के बीच 25 साल की…

4 Min Read

सिरसा में मंदिर की जमीन बेचकर 92 लाख की ठगी! उद्योगपति को चूना लगाने वाला वकील फंसा, केस दर्ज

सिरसा के डबवाली में एक उद्योगपति 92.44 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गया।…

3 Min Read

पाकिस्तान की शाहीन-3 मिसाइल का असफल परीक्षण: बलूचिस्तान में मिसाइल गिरी

पाकिस्तानी सेना ने हाल ही में अपनी परमाणु क्षमता वाली शाहीन-3 मिसाइल का परीक्षण किया,…

5 Min Read

तेजस्वी यादव पर BJP का सनसनीखेज आरोप: दो वोटर आईडी रखकर किया अपराध, EC से जांच की मांग!

भाजपा ने रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री…

4 Min Read

शुभमन गिल ने रचा इतिहास! ICC प्लेयर ऑफ द मंथ जुलाई 2025 का खिताब जीता, बेन स्टोक्स और वियान मुल्डर को पछाड़ा

भारत के नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने जुलाई 2025 के लिए ICC मेन्स प्लेयर…

5 Min Read

पाक सेना प्रमुख की भारत के खिलाफ धमकी: इंडिया नहीं झुकेंगे परमाणु ब्लैकमेल के आगे

पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिका में भारत के खिलाफ तीखा बयान…

6 Min Read

इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंजन बोगी से अलग होकर 200 मीटर दौड़ा, देवरिया में यात्रियों में मची खलबली!

देवरिया के नूनखार रेलवे स्टेशन के पास एक हैरान करने वाला हादसा हुआ, जब छपरा…

4 Min Read

डायबिटीज का खतरनाक सच: 40% मरीजों को नहीं पता वे बीमार हैं, ‘मूक महामारी’ का बढ़ता खतरा!

डायबिटीज आज दुनिया भर में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है। यह बीमारी चुपके-चुपके…

5 Min Read

बेंगलुरु में यूपीआई पर पाबंदी: दुकानदारों का कैश की ओर रुख, क्या है इसके पीछे की वजह

यूपीआई: भारत में डिजिटल क्रांति की शुरुआत 11 अप्रैल 2016 को भारत में यूनिफाइड पेमेंट…

8 Min Read

You Might Also Like

The habit of scrolling the phone in the toilet can be harmful, the risk of hemorrhoids increases by 46%
Uncategorized

टॉयलेट में फोन स्क्रॉल करने की आदत पड़ सकती है भारी, 46% बढ़ जाता है बवासीर का खतरा: CMC वेल्लोर डॉक्टर की चेतावनी

टॉयलेट में फोन स्क्रॉल करना आजकल आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आदत आपकी सेहत के…

3 Min Read

मुनव्वर फारूकी ने तलाकशुदा मां महजबीन से क्यों रचाई दूसरी शादी? बोले- मेरी जिंदगी अब…

स्टैंडअप कॉमेडियन और बिग बॉस 17 के विनर मुनव्वर फारूकी की लव लाइफ हमेशा चर्चा में रही है। तलाक, विवाद…

4 Min Read
Dreaded criminals escaped from Nepal jails: High alert in seven districts of UP, strict vigil on the border, PAC deployed!
Uncategorized

नेपाल की जेलों से भागे खूंखार अपराधी: यूपी के सात जिलों में हाई अलर्ट, सीमा पर सख्त निगरानी, PAC तैनात!

नेपाल में मचे भारी बवाल के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हड़कंप मच गया है। नेपाल की जेलों से हजारों कैदी…

4 Min Read

भारत-चीन में बड़ी सहमति: सीमा पर शांति, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट, और क्या-क्या हुआ तय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिआनजिन में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। विदेश सचिव विक्रम…

5 Min Read
Retimes india

Popular Category

  • India News
  • Stock Market News
  • Technology
  • Education News

Latest Vews

  • Defence News
  • Education News
  • Science
  • sports

Policy Pages

  • About Us
  • DMCA
  • Term and Conditions
  • Privacy Policy

Get in Touch

  • Contact

© All Rights Reserved. Retimes India. Hosted on Elga Cloud Web Hosting Company.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?