टॉयलेट में फोन स्क्रॉल करना आजकल आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है? एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करने से बवासीर का खतरा 46% तक बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस आदत की वजह से लोग जरूरत से ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठे रहते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट और CMC वेल्लोर से प्रशिक्षित डॉ. सुदर्शन कुमार ने इस स्टडी को X पर शेयर करते हुए लिखा, “टॉयलेट में स्मार्टफोन: एक छिपा हुआ स्वास्थ्य जोखिम जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।” उन्होंने बताया कि फोन के इस्तेमाल से लोग टॉयलेट में लंबे समय तक बैठे रहते हैं, जिससे रेक्टल नसों पर दबाव बढ़ता है और बवासीर का खतरा बढ़ जाता है। यह आदत छोटी-सी लगने वाली टॉयलेट विजिट को लंबी और खतरनाक बना देती है।
PLOS One जर्नल में प्रकाशित स्टडी “Smartphone use on the toilet and the risk of haemorrhoids” के मुताबिक, तीन में से दो लोग टॉयलेट में स्मार्टफोन ले जाते हैं। फोन इस्तेमाल करने वाले लोग गैर-उपयोगकर्ताओं की तुलना में पांच गुना ज्यादा देर (पांच मिनट से अधिक) टॉयलेट में बिताते हैं। डॉ. सुदर्शन कुमार के अनुसार, डाइट, एक्टिविटी और अन्य लाइफस्टाइल फैक्टर्स को ध्यान में रखने के बाद भी फोन उपयोगकर्ताओं में बवासीर का खतरा 46% ज्यादा पाया गया।
स्टडी के लेखक ने क्या कहा
बोस्टन के बेथ इज़राइल डीकनेस मेडिकल सेंटर में गट-ब्रेन रिसर्च इंस्टीट्यूट की निदेशक और स्टडी की वरिष्ठ लेखिका डॉ. तृषा पासरिचा ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उनकी लैब की रिसर्च को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आधे से ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स अनजाने में टॉयलेट में ज्यादा समय बिताते हैं। उनकी सलाह है- फोन को टॉयलेट के बाहर छोड़ दें या सख्त समय सीमा तय करें। अगर फोन के बिना नहीं रह सकते, तो मैगजीन जैसी हल्की रीडिंग मटेरियल ले जाएं।
डॉ. सुदर्शन कुमार ने बवासीर से बचने के लिए कुछ आसान सुझाव दिए हैं। टॉयलेट में समय को पांच मिनट से कम रखें। इसके अलावा, हाई-फाइबर डाइट, अच्छा हाइड्रेशन और नियमित व्यायाम भी बवासीर को रोकने में मदद करते हैं।
